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कैंट स्टेशन पर अतिथि देवो भव: की परंपरा तार-तार

Tue, 09 Apr 2019 01:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Apr 2019 01:42 AM IST
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कैंट स्टेशन पर अतिथि देवो भव: की परंपरा तार-तार
वाराणसी। अतिथि देवो भव: की परंपरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तार-तार होती दिख रही है। कारण कि ए श्रेणी में शुमार कैंट रेलवे स्टेशन पर विदेशी सैलानियों को बैठने की जगह और पीने का पानी नहीं मिल पाता है। इसके साथ ही यदि रात में कोई विदेशी सैलानी इस स्टेशन पर उतरे तो उसे ठहरने की जगह नहीं मिल पाती है। इन असुविधाओं के बीच काशी की क्या छवि लेकर विदेशी सैलानी वापस जाते होंगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
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कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटक लाउंज पर ताला लटका हुआ था। रूस से आईं पर्यटक काफी देर तक इधर-उधर घूम कर बैठने की जगह तलाशी और जब उन्हें निराशा हाथ लगी तो वो अंतरराष्ट्रीय पर्यटक लाउंज के पायदान पर अपना सामान रख कर बैठ गईं। दरअसल, विदेशी सैलानियों के बैठने की व्यवस्था कैंट रेलवे स्टेशन पर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय पर्यटक लाउंज और आरक्षण केंद्र में है। लाउंज और आरक्षण केंद्र रेलवे के आरक्षण की समय सारिणी के अनुसार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक ही खुलते हैं। रविवार को तो सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ही विदेशी सैलानी यहां बैठ सकते हैं। हालांकि इसके अलग पर्यटन सूचना अधिकारी दिव्या तिवारी का दावा है कि पर्यटक सूचना केंद्र चौबीसों घंटे खुला रहता है और स्टेशन पर आने वाले सभी सैलानियों को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाती है।
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