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खेती को व्यवसायिक दर्जा दिया जाना जरूरी
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वाराणसी। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में तीन दिवसीय नौवें राष्ट्रीय बीज सम्मेलन के पहले दिन वक्ताओं ने किसानों को मिलने वाले बीज और खेती में उनके उपयोग आदि पर विस्तृत चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, पंचायतीराजराज्यमंत्री पुरुषोत्तम खुड़ाभाई रूपाला ने किसानों को बीज ग्राम के माध्यम से सस्ते दर पर बीज उपलब्ध कराने की बात कही।
कृषि शताब्दी सभागार में आयोजित सम्मेलन में रूपाला ने कहा कि किसानों के विकास के लिए गांव स्तर पर विपणन प्रणाली विकसित करने के साथ ही सिंचाई प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए खेती को व्यवसायिक दर्जा दिया जाना जरूरी है। हिमांचल कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के श्रवण कुमार चौधरी ने कृषि विज्ञान के चयन प्रक्रिया में प्रजनक वैज्ञानिकी पद सृजित करने पर जोर दिया।
कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. रमेश चंद ने संस्थान द्वारा विकसित की गई गेहूं की जिंक युक्त प्रजाति मालवीय-699 के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. पीके सिंह ने बताया कि सम्मेलन में आए 520 वैज्ञानिक और किसान तीन दिन तक बीजों के उत्पादन और प्रयोग पर चर्चा करेंगे। इस दौरान निकलने वाले निष्कर्षों को कृषि मंत्रालय को भेजा जाएगा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय बीज परीक्षण प्रयोगशाला के निदेशक डॉ. अरविंद नारायण सिंह, प्रो. एपी सिंह, डॉ. डीके अग्रवाल, प्रो. रमेश कुमार सिंह, प्रो. आरपी सिंह, प्रो. एके सिंह आदि मौजूद रहे।
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कृषि शताब्दी सभागार में आयोजित सम्मेलन में रूपाला ने कहा कि किसानों के विकास के लिए गांव स्तर पर विपणन प्रणाली विकसित करने के साथ ही सिंचाई प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए खेती को व्यवसायिक दर्जा दिया जाना जरूरी है। हिमांचल कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के श्रवण कुमार चौधरी ने कृषि विज्ञान के चयन प्रक्रिया में प्रजनक वैज्ञानिकी पद सृजित करने पर जोर दिया।
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कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. रमेश चंद ने संस्थान द्वारा विकसित की गई गेहूं की जिंक युक्त प्रजाति मालवीय-699 के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. पीके सिंह ने बताया कि सम्मेलन में आए 520 वैज्ञानिक और किसान तीन दिन तक बीजों के उत्पादन और प्रयोग पर चर्चा करेंगे। इस दौरान निकलने वाले निष्कर्षों को कृषि मंत्रालय को भेजा जाएगा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय बीज परीक्षण प्रयोगशाला के निदेशक डॉ. अरविंद नारायण सिंह, प्रो. एपी सिंह, डॉ. डीके अग्रवाल, प्रो. रमेश कुमार सिंह, प्रो. आरपी सिंह, प्रो. एके सिंह आदि मौजूद रहे।
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