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खर्राटे भर रहे अफसर और थानेदार

Sat, 03 Jun 2017 11:15 PM IST
Updated Sat, 03 Jun 2017 11:15 PM IST
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खर्राटे भर रहे अफसर और थानेदार
सोनभद्र। डॉयल 100 के भरोसेे अधिकतर थाने रात में खर्राटे भर रहे हैं। रात में हाइवे के किसी भी थाने या चौकियों का सीयूजी नंबर एक बार में उठता नहीं है। ऐसे में किसी तरह की घटना होने पर लोग सीधे 100 नंबर डायल कर रहे हैं। सबसे खराब स्थित हाईवे पर स्थित थाना और चौकियों की है। थाना हाथीनाला, चोपन, डाला चौकी, मारकुंडी घाटी, उरमौरा स्थित पुलिस पिकेट, हिंदुआरी, सुकृत पुलिस चौकी के बाहर पुलिसकर्मी दिखते तो हैं मगर ट्रक और माल ढोने वाले वाहनों को रोकने उनकी दिलचस्ती अधिक रहती है।
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सबसे खराब स्थित हाथी नाला थाने की है। यहां दो रास्ते ऐसे हैं जहां से दूसरे प्रदेशों से बालू की ओवरलोड ट्रकें पार होती हैं। यहां पर अक्सर भोर में थानेदार खुद ही कुर्सी लगाए सिपाही और प्राइवेट लोगों के साथ दिख जाते हैं। इनमें कुछ सिविल वर्दी वाले सिपाही भी होते हैं डंडा मारकर बालू वाले ट्रकों को आड़े तिरछे खड़ा करा देते हैं। यहां अक्सर जाम की स्थिति हो जाती है।
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कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाए रखने के लिए सपा सरकार ने जिले में डॉयल 100 के 43 वाहनों की सौगात दी थी। जरूरत के हिसाब से थाने को वाहन आवंटित कर दिए गए। इन वाहनों को सार्वजनिक स्थानों एवं दुर्घटना बाहुल क्षेत्रों में खड़ा होने के लिए प्वाइंट बने हैं। घटना की सूचना मिलने पर थाने और पुलिस चौकियों की फोर्स के पहले डॉयल 100 के पुलिसकर्मी पहुंच रहे हैं। स्थिति यह हो गई है कि कई थाने और चौकियों के इंचार्ज दफ्तर में बैठकर 100 नंबर वाहनों पर तैनात पुलिस कर्मियों से सूचनाओं का आदान प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में थानों की गश्त सिर्फ कागजों में चल रही है। हालत यह है कि अर्धरात्रि के बाद फोन करने पर दूसरी या तीसरी बार में काल रिसीव होती है। अप्रैल माह में शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन एसपी लल्लन सिंह यादव ने डॉयल 100 के पुलिस कर्मियों को इस थाने से उस थाने कर दिया था। बावजूद कुछ थानेदार एवं चौकी इंचार्ज पुराने ढर्रे पर अभी भी कार्य कर रहे हैं। एसपी राम प्रताप सिंह ने कहा कि नियमानुसार थाने एवं पुलिस चौकियों की फोर्स गश्त कर रही है या नहीं इसकी गोपनीय तरीके से जांच कराई जाएगी। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वह स्वयं और गश्त पर निकली टीम का हर घंटे लोकेशन कंट्रोल रूम को देंगे।
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