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संस्कृत विश्वविद्यालय की परीक्षा टली
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में परीक्षा विभाग में तैनात एक कर्मचारी पर वित्त अधिकारी से दुर्व्यवहार के आरोप में की गई कार्रवाई के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शनिवार को विश्वविद्यालय में कामकाज ठप रहा। हालत यह रही कि कुलपति, कुलसचिव समेत अन्य अधिकारी भी कार्यालय नहीं जा सके। इस बीच 31 दिसंबर से शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षा के लिए शनिवार को विभिन्न जिलों से परीक्षा सामग्री लेने आए केंद्राध्यक्षों को खाली हाथ लौटना पड़ा। हड़ताल को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा को अगले आदेश तक टाल दिया है। परीक्षा कब से शुरू होगी अभी कोई तिथि घोषित नहीं हुई है। वाराणसी, गोरखपुर, महाराजगंज सहित पूरे प्रदेश में इस फैसले का असर पड़ेगा।
परीक्षा विभाग में तैनात एक कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए वित्त अधिकारी ने कुलपति को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने नोटिस जारी करते हुए उसे सर्विस बुक में चढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। संबंधित कर्मचारी ने इसकी जानकारी कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी को दी। इसके बाद अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी उस आदेश को निरस्त कराने की मांग को लेकर वित्त अधिकारी के पास पहुंचे। जब यहां मांग नहीं मानी गई तो कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। शुक्रवार दोपहर बाद से चल रही हड़ताल दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। इस दौरान कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारी के विरुद्ध जारी आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
कोट
वित्त अधिकारी ने कुलपति को की गई शिकायत में संबंधित कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। कुलपति के निर्देश पर कर्मचारी को नोटिस जारी किया गया है। कर्मचारी नेताओं को चाहिए वह विश्वविद्यालय हित में तत्काल हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आए, जिससे कि परीक्षा संबंधी काम शुरू हो सके।
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- राजबहादुर, कुलसचिव
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परीक्षा विभाग में तैनात एक कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए वित्त अधिकारी ने कुलपति को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने नोटिस जारी करते हुए उसे सर्विस बुक में चढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। संबंधित कर्मचारी ने इसकी जानकारी कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी को दी। इसके बाद अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी उस आदेश को निरस्त कराने की मांग को लेकर वित्त अधिकारी के पास पहुंचे। जब यहां मांग नहीं मानी गई तो कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। शुक्रवार दोपहर बाद से चल रही हड़ताल दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। इस दौरान कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारी के विरुद्ध जारी आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
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वित्त अधिकारी ने कुलपति को की गई शिकायत में संबंधित कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। कुलपति के निर्देश पर कर्मचारी को नोटिस जारी किया गया है। कर्मचारी नेताओं को चाहिए वह विश्वविद्यालय हित में तत्काल हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आए, जिससे कि परीक्षा संबंधी काम शुरू हो सके।
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- राजबहादुर, कुलसचिव