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देवी मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, विधि विधान से की पूजा
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वाराणसी। वासंतिक नवरात्र के पहले दिन शनिवार को शहर और आस पास के सभी देवी मंदिरों में दर्शन पूजन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। ब्रह्ममुहूर्त में सभी मंदिरों का शृंगार कर भक्तों के दर्शन के लिए पट खोल दिया गया। भक्तों ने दर्शन पूजन कर मां से जीवन मंगल की कामना की। दर्शन पूजन के दौरान भक्तों द्वारा लगाए जो रहे जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।
वासंतिक नवरात्र के पहले दिन गौरी के प्रथम स्वरूप मां मुख निर्मालिका और शक्ति स्वरूपा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री का दर्शन पूजन करने की मान्यता है। इसको लेकर माता शैलपुत्री का दर्शन पूजन के लिए शुक्रवार की आधी रात से ही लोग यहां पहुंचने लगे। भोर से ही दर्शन पूजन का कार्य शुरू हो गया। भीड़ के चलते यहां भक्तों की लंबी कतार देर शाम तक लगी रही।
काशी की परंपरा के अनुसार गायघाट स्थित गौरी के प्रथम स्वरूप मां मुख निर्मालिका का दर्शन पूजन किया गया। मंदिर के पुजारी विनायक मुकुंद महाजन और विवेक महाजन ने बताया कि मां का भोर में विधि विधान से स्नान ध्यान कराकर शृंगार और पूजन किया गया। इसके बाद तीन बजकर 30 मिनट पर मां का पट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया, जो देर शाम तक चलता रहा। पुजारी ने बताया कि वर्ष में एक दिन चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां का दर्शन पूजन किया जाता है। ऐसे में श्रद्धालु दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचते हैं। वहीं साल में एक बार हनुमान जयंती पर मां का भव्य शृंगार भी किया जाता है, जो कि इस बार 19 को होगा। इस आयोजन को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
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वासंतिक नवरात्र के पहले दिन गौरी के प्रथम स्वरूप मां मुख निर्मालिका और शक्ति स्वरूपा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री का दर्शन पूजन करने की मान्यता है। इसको लेकर माता शैलपुत्री का दर्शन पूजन के लिए शुक्रवार की आधी रात से ही लोग यहां पहुंचने लगे। भोर से ही दर्शन पूजन का कार्य शुरू हो गया। भीड़ के चलते यहां भक्तों की लंबी कतार देर शाम तक लगी रही।
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काशी की परंपरा के अनुसार गायघाट स्थित गौरी के प्रथम स्वरूप मां मुख निर्मालिका का दर्शन पूजन किया गया। मंदिर के पुजारी विनायक मुकुंद महाजन और विवेक महाजन ने बताया कि मां का भोर में विधि विधान से स्नान ध्यान कराकर शृंगार और पूजन किया गया। इसके बाद तीन बजकर 30 मिनट पर मां का पट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया, जो देर शाम तक चलता रहा। पुजारी ने बताया कि वर्ष में एक दिन चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां का दर्शन पूजन किया जाता है। ऐसे में श्रद्धालु दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचते हैं। वहीं साल में एक बार हनुमान जयंती पर मां का भव्य शृंगार भी किया जाता है, जो कि इस बार 19 को होगा। इस आयोजन को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
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