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गंगा का जलस्तर 74 मीटर पार
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:48 AM IST
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सीतामढ़ी। दो दिन तक स्थिर रहने के बाद गंगा में बढ़ाव फिर शुरू हो गया। प्रति घंटा एक सेंटीमीटर के रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर रविवार की शाम तक 74.160 मीटर पार कर गया। इससे गंगा के तटवर्ती गांवों में हलचल बढ़ गई। छेछुआ और भुर्रा इलाके में कटान की समस्या बढ़ने से किसान परेशान हैं। उनकी उपजाऊ जमीन गंगा की धारा में समा रही है। पहाड़ों और सूबे में हो रही भारी बारिश के चलते सभी नदियां और नाले उफान पर है। ऐसे में गंगा का जल स्तर भी बढ़ रहा है। हालांकि जल स्तर में उतार चढ़ाव की स्थिति है। पिछले कुछ दिनों तक जल स्तर स्थिर रहा था। उसके बाद जल स्तर में धीरे- धीरे इजाफा शुरू हो गया। गंगा का जल स्तर बढ़ने से कोनिया क्षेत्र के छेछुआ और भुर्रा गांव में किसानों की खेती की जमीनें धीरे धीरे कट कर गंगा की धारा की भेंट चढ़नी शुरू हो गई है। गंगा कटान के कारण क्षेत्र के किसान बर्बाद होते जा रहे है। किसानों की उपजाऊ जमीनें गंगा की धारा में समाती जा रही है। केंदीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक रविवार को सुबह गंगा का जल स्तर आधा सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था जो शाम को बढ़ कर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गया है। जल स्तर पर गौर करें तो बाढ़ का पानी सीतामढ़ी गंगा घाट के पक्की सीढ़ी के पास पहुंच गया है। गंगा तट पर बना विशाल यज्ञशाला पानी से चारो ओर से घिर गया है। गंगा के जल स्तर को देख गंगा तटीय लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है।
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