{"_id":"5b4111124f1c1bbc248b5210","slug":"11530990866-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिक्सलेन ने लील लिया हैंडपंपों का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिक्सलेन ने लील लिया हैंडपंपों का पानी
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औराई। वाराणसी-इलाहाबाद राजमार्ग को सिक्सलेन बनाने के काम के दौरान सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हैंडपंपों को उखाड़कर अन्य स्थानों पर लगाया जा रहा है। एनएचएआई की ओर से लगाए गए ऐसे 90 फीसदी हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है। इससे गर्मी में यात्रियों और व्यापारियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने कंस्ट्रक्शन कंपनी पर हैंडपंपों के पुनर्विस्थापन में खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है।
यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के लिए इलाहाबाद से वाराणसी तक जीटी रोड को सिक्सलेन बनाया जा रहा है। इसके निर्माण में पूर्व में बने कई भवनों, दुकानों को तोड़ा गया। सिक्सलेन में अवरोधक बन रहे 100 से अधिक हैंडपंपों को भी तय स्थान से हटाकर दूसरी स्थानों पर लगाया गया। कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से हैंडपंपों के लगाने में खानापूर्ति की जा रही है। इससे 90 फीसदी से अधिक हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं। औराई, घोसिया, माधोसिंह, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज, महराजगंज और बाबूसराय में लगे हैंडपंपों की हालत खराब है। इससे व्यापारी और राहगीरों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। सबसे अधिक मुश्किल 15 दिन बाद शुरू हो रहे कांवर यात्रा में होगी। प्रयाग से जल लेकर जाने वाले कांवरिया ऐसे हैंडंपपों पर रुक कर थकान मिटाते थे, लेकिन इस बार अब तक न तो हैंडपंपों की सुधि ली गई और न ही उन्हें दुरुस्त किया गया। व्यापारी जय दयाल मोदनवाल, अनुज गुप्ता ने कहा कि कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। इससे आम लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। पैसे बचाने के चक्कर में हैंडपंपों की कम बोरिंग कर उसे स्थापित किया गया है। जिससे वे पानी ही नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के लिए इलाहाबाद से वाराणसी तक जीटी रोड को सिक्सलेन बनाया जा रहा है। इसके निर्माण में पूर्व में बने कई भवनों, दुकानों को तोड़ा गया। सिक्सलेन में अवरोधक बन रहे 100 से अधिक हैंडपंपों को भी तय स्थान से हटाकर दूसरी स्थानों पर लगाया गया। कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से हैंडपंपों के लगाने में खानापूर्ति की जा रही है। इससे 90 फीसदी से अधिक हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं। औराई, घोसिया, माधोसिंह, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज, महराजगंज और बाबूसराय में लगे हैंडपंपों की हालत खराब है। इससे व्यापारी और राहगीरों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। सबसे अधिक मुश्किल 15 दिन बाद शुरू हो रहे कांवर यात्रा में होगी। प्रयाग से जल लेकर जाने वाले कांवरिया ऐसे हैंडंपपों पर रुक कर थकान मिटाते थे, लेकिन इस बार अब तक न तो हैंडपंपों की सुधि ली गई और न ही उन्हें दुरुस्त किया गया। व्यापारी जय दयाल मोदनवाल, अनुज गुप्ता ने कहा कि कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। इससे आम लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। पैसे बचाने के चक्कर में हैंडपंपों की कम बोरिंग कर उसे स्थापित किया गया है। जिससे वे पानी ही नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन