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अमेरिका, जापान की तरह देश में भी नियंत्रित होगा समय-लागत
Updated Sat, 23 Jun 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) की डायरेक्टर जनरल सुरीना राजन ने कहा कि अमेरिका और जापान की तरह भारत में भी समय और लागत नहीं बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। प्राकृतिक आपदाओं को छोड़ दिया जाए तो मैन मेड कमियों को दूर कर परियोजनाओं को बगैर लागत बढ़ाए समय पर काम पूरा करने को नियंत्रित किया जा सकेगा।
शुक्रवार को कमिश्नरी में हुई प्रेसवार्ता में बीआईएस की डीजी ने कहा कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में 15 हजार करोड़ रुपये से काम चल रहा है। मानकों के अनुरूप बेहतर ढंग से काम हो। कार्यदायी एजेंसियों को ऐसा काम करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी याद रखे।
इस नाते यहां पुलों, भवनों और संरचनाओं के निर्माण में सुरक्षा पर संगोष्ठी के जरिए कार्यदायी एजेंसियों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है। देश भर में 13 कार्यशालाएं हो चुकी हैं। जिनकी तकनीक को अपनाकर समय और बगैर लागत बढ़ाए काम को पूरा कराया जा सकता है। आईएसआई और हालमार्क के जरिए उत्पादों की गुणवत्ता बरकरार रखी जा रही है। यह निशान सुनिश्चित करता है कि जो सामान है उसकी गुणवत्ता बेहतर है। चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे पर कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए यह कार्यशाला उपयोगी है।
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शुक्रवार को कमिश्नरी में हुई प्रेसवार्ता में बीआईएस की डीजी ने कहा कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में 15 हजार करोड़ रुपये से काम चल रहा है। मानकों के अनुरूप बेहतर ढंग से काम हो। कार्यदायी एजेंसियों को ऐसा काम करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी याद रखे।
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इस नाते यहां पुलों, भवनों और संरचनाओं के निर्माण में सुरक्षा पर संगोष्ठी के जरिए कार्यदायी एजेंसियों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है। देश भर में 13 कार्यशालाएं हो चुकी हैं। जिनकी तकनीक को अपनाकर समय और बगैर लागत बढ़ाए काम को पूरा कराया जा सकता है। आईएसआई और हालमार्क के जरिए उत्पादों की गुणवत्ता बरकरार रखी जा रही है। यह निशान सुनिश्चित करता है कि जो सामान है उसकी गुणवत्ता बेहतर है। चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे पर कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए यह कार्यशाला उपयोगी है।
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