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छह छात्रों को नोटिस, कल दर्ज होगा बयान 0
Updated Mon, 14 May 2018 02:32 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू में तीन मई को चीफ प्रॉक्टर के बयान का विरोध करने और फिर पांच मई को मुकदमा दर्ज कराए जाने के खिलाफ धरना देने वाले छात्रों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों ही मामलों में कला संकाय और सामाजिक विज्ञान संकाय से छह छात्रों को नोटिस जारी कर 15 मई को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है।
विश्वविद्यालय परिसर में आए दिन कभी धरना-प्रदर्शन, मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाओं पर अब विवि प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। 22 सितंबर 2017 को छेड़खानी के विरोध में हुए धरने के मामले में पिछले महीने चीफ प्रॉक्टर ने विवादित बयान दिया था। इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने उनके कार्यालय पर जाकर धरना दिया था। चीफ प्रॉक्टर ने उन पर मारपीट, अभद्रता का आरोप लगाते हुए लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया तो छात्र और नाराज हो गए। मुकदमे का विरोध करते हुए पांच मई को महिला महाविद्यालय गेट पर छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन किया। अब इन मामलों की जांच विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुरू कर दी है। सामाजिक विज्ञान संकाय और कला संकाय प्रमुख को पत्र भेजकर 15 मई को शाम तीन बजे कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. ए वैशंपायन की अध्यक्षता वाली स्टैडिंग कमेटी के सामने संबंधित छात्रों को उपस्थित कराने का निर्देश दिया है। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है, उनमें पांच छात्र सामाजिक विज्ञान संकाय के हैं जबकि एक कला संकाय का है।
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विश्वविद्यालय परिसर में आए दिन कभी धरना-प्रदर्शन, मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाओं पर अब विवि प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। 22 सितंबर 2017 को छेड़खानी के विरोध में हुए धरने के मामले में पिछले महीने चीफ प्रॉक्टर ने विवादित बयान दिया था। इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने उनके कार्यालय पर जाकर धरना दिया था। चीफ प्रॉक्टर ने उन पर मारपीट, अभद्रता का आरोप लगाते हुए लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया तो छात्र और नाराज हो गए। मुकदमे का विरोध करते हुए पांच मई को महिला महाविद्यालय गेट पर छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन किया। अब इन मामलों की जांच विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुरू कर दी है। सामाजिक विज्ञान संकाय और कला संकाय प्रमुख को पत्र भेजकर 15 मई को शाम तीन बजे कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. ए वैशंपायन की अध्यक्षता वाली स्टैडिंग कमेटी के सामने संबंधित छात्रों को उपस्थित कराने का निर्देश दिया है। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है, उनमें पांच छात्र सामाजिक विज्ञान संकाय के हैं जबकि एक कला संकाय का है।
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