उत्तर प्रदेश चुनाव: 'सुपरफास्ट मोड' में हैं योगी आदित्यनाथ, लगातार कर रहे हैं योजनाओं की घोषणाएं और लोकार्पण
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम का समय बाकी रह गया है और मुख्यमंत्री पर पिछले चुनाव में किए गए सभी वादों को पूरा करने का दबाव है। इसे देखते हुए कामों की गति बढ़ा दी गई है। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि पूरे पांच साल नाकाम रहने के बाद चुनाव के समय कुछ करने से जनता का आक्रोश कम नहीं होगा...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय सुपरफास्ट मोड में हैं। वे लगभग हर दिन किसी महत्वपूर्ण विषय से जुड़ी कोई बड़ी घोषणा कर रहे हैं, तो अब तक अनेक योजनाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में लोकार्पण करवा रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम का समय बाकी रह गया है और मुख्यमंत्री पर पिछले चुनाव में किए गए सभी वादों को पूरा करने का दबाव है। इसे देखते हुए कामों की गति बढ़ा दी गई है। भाजपा का दावा है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब तक की किसी भी सरकार से ज्यादा काम किया है और वह इसी काम के बलबूते दोबारा सत्ता में वापसी करेगी। हालांकि, विपक्ष ने इसे चुनावी कसरत बताया है।
भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि यह कहना बिल्कुल गलत होगा कि योगी आदित्यनाथ सरकार इस समय चुनावी मोड में हैं और इसके कारण इस तरह तेजी से कामकाज किए जा रहे हैं। सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री की तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर दिन कामकाज में जुटे रहते हैं। सरकार के गठन के बाद अनेकों योजनाएं शुरू की गई थीं और वे अब धीरे-धीरे पूरी हो रही हैं और उनका लोकार्पण किया जा रहा है। यही कारण है कि कुछ लोगों को लग रहा है कि चुनाव के करीब आने के बाद कामकाज तेज हो गया है।
भाजपा नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी की तरह योगी आदित्यनाथ केवल गोरखपुर का विकास नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने विकास का विकेंद्रीकरण किया है। सपा सरकार में लखनऊ और सैफई का विकास किया जाता था। इससे एक गांव तो चमकने लगता था लेकिन पूरा प्रदेश अंधेरे में डूबा रहता था। लेकिन इस सरकार में पहली बार लखनऊ के साथ-साथ पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी प्रदेश, प्रयागराज, काशी, मथुरा, वृंदावन और चित्रकूट हर जगह का विकास हो रहा है।
आजादी के बाद से अब तक प्रदेश में केवल 13 मेडिकल कॉलेज बने थे, जबकि इस सरकार ने केवल पांच साल में 15 मेडिकल कॉलेज बनाने का काम किया है। इसमें नौ मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं तो छह का काम जारी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के हर दो जिले पर एक मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना बनाई थी। इस प्रकार जल्द ही प्रदेश में लगभग 43 मे़डिकल कॉलेज काम कर रहे होंगे और जनता को इलाज में भारी सुविधा होगी। पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को साधारण एमआरआई तक कराने के लिए नजदीकी बड़े शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन इस सुविधा के बाद हर जिले में मध्यम स्तर की अच्छी चिकित्सा सेवा पूरे प्रदेश में उपलब्ध हो जाएगी। इससे प्रदेश की जनता को भारी लाभ होगा। पूर्वांचल ही नहीं, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे जैसी अनेक योजनाओं के विकास से आवागमन बेहतर हुआ है। हर जिले में लोगों के घर-घर तक नल से जल पहुंचाने की योजना पूरे तेजी के साथ चल रही है। इससे गांवों तक में हर परिवार को लाभ मिलेगा।
इसी प्रकार ग्रेटर नोएडा की फिल्म सिटी, खिलौना बनाने वाली फैक्ट्रियों की शुरुआत, नोएडा में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के माध्यम से कामकाज शुरू करने से रोजगार की स्थिति सुधरेगी। हर जिले की विशेष कला को विकसित करने का काम हो रहा है। इससे प्रदेश के हर हिस्से का विकास होगा। भाजपा नेताओं का दावा है कि योगी आदित्यनाथ सरकार आने के पूर्व प्रदेश के मंदिरों को देखने के बाद उनके असहाय होने का अनुभव होता था, लेकिन वर्तमान सरकार के आने के बाद केवल अयोध्या ही नहीं, काशी, प्रयागराज, मथुरा, ब्रज क्षेत्र और चित्रकूट का भारी विकास हुआ है। इन क्षेत्रों में सड़क निर्माण से लेकर अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार को अनुमान है कि विकास की गाड़ी पटरी पर दौड़ने के बाद प्रदेश से पलायन कम होगा।
कैसे भूलेंगे कोरोना काल की चीख- कांग्रेस
उत्तर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने अमर उजाला से कहा कि सरकार आज चुनाव के समय अपने कामकाज का ढिंढोरा पीट रही है। लेकिन चंद दिनों पहले जब कोरोना काल अपने चरम पर था, लोगों को इलाज के लिए भटकते हुए देखा जा सकता था। लोगों को अस्पतालों में बिस्तर ही नहीं, दवाइयां तक नहीं मिल पा रही थीं। लोगों के पास अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार कराने तक की सुविधा नहीं रह गई थी। अगर सरकार चाहती है कि उसकी चंद घोषणाएं उन लोगों के दिलों का दर्द दूर कर सकती हैं तो यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना काम नहीं आएगी और जनता इस बार बदलाव के लिए वोट करेगी।