उत्तर प्रदेश: कांग्रेस बोली- योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में क्यों बंद नहीं कराई मांस-शराब की बिक्री, पूरे यूपी में लगे प्रतिबंध
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ चुनाव के समय मथुरा में शराब-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध का आदेश देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। सच्चाई यह है कि पूरे उत्तर प्रदेश में बच्चों में नशाखोरी बढ़ रही है और इसकी गिरफ्त में आने के कारण लाखों परिवार बर्बाद हो रहे हैं...
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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की, अब ब्रज क्षेत्र में शराब-मांस की बिक्री नहीं होगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के पर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब तक गोरखपुर में शराब-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, जहां से वे लंबे समय से प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। आज भी गोरखपुर में जगह-जगह पर शराब-मांस की खुलेआम बिक्री हो रही है। अगर सरकार शराब को सामाजिक बुराई मानती है तो उसे केवल ब्रज क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि अयोध्या-काशी-प्रयागराज सहित पूरे उत्तर प्रदेश में शराबबंदी लागू करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने अमर उजाला से कहा कि योगी आदित्यनाथ चुनाव के समय मथुरा में शराब-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध का आदेश देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। सच्चाई यह है कि पूरे उत्तर प्रदेश में बच्चों में नशाखोरी बढ़ रही है और इसकी गिरफ्त में आने के कारण लाखों परिवार बर्बाद हो रहे हैं। अगर सरकार शराब को सामाजिक बुराई का कारण समझती है तो उसे पूरे यूपी में शराब पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार को मालूम है कि उसके पास जनता के सामने दिखाने के लिए ठोस काम नहीं हैं, लिहाजा वह चुनाव के समय इस तरह के मुद्दे उठाकर जनता को सांप्रदायिक आधार पर बांटना चाहते हैं। जबकि भाजपा की ही अनेक सरकारें पूर्वोत्तर के राज्यों में लोगों को बीफ खाने की अनुमति देने की वकालत करते हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को इस दोहरेपन से बचते हुए जमीनी काम करना चाहिए।
'कत्लखानों पर पाबंदी का शिगूफा कितना काम आया'
समाजवादी पार्टी की नेता जूही सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनते ही अवैध कत्लखानों को बंद करने का आदेश दिया था। उन्होंने हर शहर-गांव में गौशाला स्थापित करने की बात भी कही थी, लेकिन आज भी उसी मथुरा में बूढ़ी गायों-बैलों को उनकी किस्मत पर खुले में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में गोशालाएं नहीं खोली जा रही हैं, जिसके कारण पशु किसानों की खेती बर्बाद कर रहे हैं।
जूही सिंह ने कहा कि जो गौशालाएं काम कर रही हैं, उनमें भी गौवंश की उचित तरीके से देखभाल नहीं की जा रही है। अनेक गोशालाओं के चित्र सामने आए हैं जहां गोवंश बेहद खराब स्थिति में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को जमीनी बदलाव लाने वाले असली काम करने चाहिए, इस तरह चुनाव के समय दिखावटी काम करके जनता को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
आरोप यहां तक हैं कि अनेक भाजपा नेता भी मांस बिक्री के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश में मांस बिक्री एक प्रमुख व्यवसाय बना हुआ है। इस क्षेत्र में लाखों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलता है और हर साल करोड़ों डॉलर का मांस विदेश निर्यात होता है। जिस समय बेरोजगारी चरम पर है, अगर सरकार एक बार फिर कत्लखानों के बारे में कोई निर्णय लेती है तो इससे लाखों लोगों के जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है।