फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP's son was shot in Chatisgarh for 15 times

यूपी के लाल ने सीने पर खाईं 15 गोलियां

Sat, 15 Mar 2014 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 15 Mar 2014 01:04 AM IST
विज्ञापन
UP's son was shot in Chatisgarh for 15 times

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए कालंदी निवासी सीआरपीएफ जवान नीरज का शव बृहस्पतिवार सुबह साढे़ छह बजे गाव पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान परिजन और ग्रामीण गांव के विकास समेत विभिन्न मांगों को लेकर छह घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। ग्रामीणों ने डीएम वापस जाओ, सीएम को बुलवाओ के नारे लगाए।

विज्ञापन


अधिकारियों ने आदर्श आचार संहिता लागू होने की दुहाई दी, लेकिन परिजन सीएम अखिलेश यादव या सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को बुलवाने की मांग पर अड़े रहे। छह घंटे तक चली मान-मनौव्व्ल के बाद परिजन आश्वासनों पर ही मान गए। इसके बाद राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन


नीरज (32) पुत्र रामपाल सीआरपीएफ की 80 बटालियान में जवान थे। 11 मार्च को सुकमा में शहीद हुए नीरज के सीने पर गोलियों के 15 निशान पाए गए। बृहस्पतिवार सुबह उनके अंतिम दर्शन के लिए पूरा ठाकुर चौबीसी उमड़ पड़ा। क्या नेता, क्या मजदूर और क्या किसान, सभी अपना काम छोड़कर कालंदी पहुंच गए। सीओ बले सिंह और एसओ प्रदीप कुमार भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहीद को दी अंतिम विदाई

UP's son was shot in Chatisgarh for 15 times

गांव में शहीद को राजकीय और सैनिक सम्मान से अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू हो गई थी, लेकिन शहीद के बडे़ भाई ने पहले गांव के विकास और परिवार के आर्थिक मदद की घोषणा करने की मांग की। घोषणा से पहले अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।

डीएम पंकज यादव और एसएसपी ओंकार सिंह ने आदर्श आचार संहिता लागू होने की बात कही तो ग्रामीण धरने पर बैठ गए और डीएम वापस जाओ के नारे लगाने लगे। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को बुलाने की मांग करने लगे। लगभग छह घंटे बाद मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सतपाल सिंह और मेरठ सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कालंदी के ही डॉ. मेजर हिमांशु ने पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी तो लोग शांत हुए। सीआरपीएफ के डीआईजी (रामपुर) चंद्रभूषण ने विभाग और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता के बारे में जानकारी दी।

इसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे शहीद का राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि छोटे भाई विनोद उर्फ रोहताश ने दी। इस दौरान ग्रामीणों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, तब तक तेरा नाम रहेगा के नारों के साथ नीरज को अंतिम विदाई दी। विधायक गुलाम मोहम्मद के देरी से पहुंचने पर उन्हें ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि अपने क्षेत्र के गांव के जवान के शहीद होने के बाद भी विधायक वे दो दिन बाद गांव आ रहे हैं। उन्हें उसी दिन या अगले दिन आना चाहिए था।

फिर गरमा गया मामला

UP's son was shot in Chatisgarh for 15 times

कालंदी में उस समय ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया जब गांव पहुंचे बजरंग दल के बलराज डूंगर ने कह दिया कि जब तक सीएम गांव में आकर मदद की घोषणा नहीं कर देते, तब तक शव नहीं उठने दिया जाएगा। नीरज के दिल्ली निवासी रिश्तेदार सुखबीर सिंह ने भी कहा कि चाहे दस दिन हो जाए जब तक सीएम या मुलायम खुद शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे तब तक शव नहीं उठने दिया जाएगा। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बाद में अधिकारियों ने किसी तरह परिजनों और ग्रामीणों को मनाया।

शासन को देते रहे जानकारी
डीएम पंकज यादव पल-पल की जानकारी शासन को देते रहे और वहां से मिल रहे निर्देशों के बारे में ग्रामीणों को भी बताते रहे।

नीरज के भाई और पत्नी ने मांग उठाई
गांव में सबसे पहले शहीद नीरज के भाई ब्रजपाल ने गांव का विकास, डिग्री कॉलेज बनवाने के साथ ही बूढ़े मां-बाप के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। वहीं नीरज की पत्नी डिंपल ने मासूम बच्ची और गर्भ में पल रहे मासूम के लिए मदद मांगी। उनकी मांगों का सभी ने समर्थन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed