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यूपी: आरक्षण विरोधी छात्रों पर से वापस होंगे मुकदमे
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2013 03:33 AM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के आरक्षण के नए नियमों के विरुद्ध आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की।
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मुलाकात के बाद छात्रों ने दावा किया कि सपा मुखिया ने आरक्षण की पुरानी व्यवस्था बहाल कराने और आंदोलन के दौरान आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस कराने का आश्वासन दिया है।
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प्रतिनिधिमंडल ने मुलायम को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें आयोग के अध्यक्ष और एसपी सिटी इलाहाबाद को हटाने की भी मांग की गई है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और सपा महिला सभा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना वाजपेयी के साथ यह प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे सपा सुप्रीमो के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पहुंचा।
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इविवि के शोध छात्र अभिषेक सिंह चौहान ने बताया कि उन लोगों की करीब 45 मिनट तक यादव के साथ बात हुई, जिसमें आयोग अध्यक्ष के मनमाने फैसलों की जानकारी दी गई।
यह भी बताया कि अध्यक्ष ने किस तरह कोडिंग व्यवस्था को बदल दिया। पहले वाली व्यवस्था में परीक्षार्थियों को सिर्फ कोड दिया जाता था।
लेकिन नई व्यवस्था में छात्र की पूरी डिटेल आती है। इससे परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठेंगे।
यह भी बताया कि अध्यक्ष ने इंटरव्यू में न्यूनतम अंकों की सीमा 40 से घटाकर 20 कर दी, जबकि इंटरव्यू में न्यनूतम अंक सीमा 40 रखने का आदेश कोर्ट का है।
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने छात्रों को आश्वस्त किया कि वह पुरानी आरक्षण व्यवस्था के पक्षधर हैं। लोकसेवा आयोग ने सरकार को विश्वास में लिये बगैर आरक्षण व्यवस्था बनायी।
मुलायम ने यह भी कहा कि कोडिंग की व्यवस्था भी उन्हीं के शासन में लागू की गई थी। इसलिए उसे बदलने का सवाल ही नहीं है।
मुलायम ने आश्वस्त किया कि छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिये जाएंगे। दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिनिधि मंडल के अनुसार, सपा मुखिया ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को फोन पर छात्रों के मुकदमे वापस कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।
प्रतिनिधि मंडल ने पूरे मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने की मांग भी की गई।