फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Legislative Council Polls: BJP Worried Despite Repeat Performance as SP Holds Ground

यूपी विधान परिषद चुनाव: प्रदर्शन दोहराने के बाद गहरी चिंता में भाजपा, यहां सपा की मजबूती बरकार; ये मुद्दे अहम

Sat, 31 Oct 2026 08:38 AM IST
Himanshu Mishr हिमांशु मिश्र
Updated Sat, 31 Oct 2026 08:38 AM IST
सार

यूपी विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रदर्शन दोहराने के बावजूद गहरी चिंता में है। भाजपा के लिए पूरब-अवध में सपा की मजबूती बरकरार रहने के संकेत ठीक नहीं है। यूजीसी गाइडलाइन और कमजोर प्रबंधन को पार्टी अहम कारण मान रही है।

विज्ञापन
UP Legislative Council Polls: BJP Worried Despite Repeat Performance as SP Holds Ground
mlc elections - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में प्रदर्शन दोहराने के बावजूद भाजपा चिंता में है। इसका कारण सपा का पूर्वी उत्तर प्रदेश व अवध में बीते लोकसभा चुनाव की तरह फिर से मजबूत प्रभाव कायम रहने का संकेत और पश्चिम उत्तर प्रदेश में मजबूत दस्तक है। 
विज्ञापन


विधानसभा चुनाव के ठीक पहले आए इस औसत नतीजे के बाद पार्टी हार के कारणों पर मंथन कर रही है। हालांकि, प्रदेश और केंद्र के कई नेता इसका कारण यूजीसी की विवादास्पद गाइडलाइन से सवर्ण तबके में उपजा गुस्सा और प्रबंधन के स्तर पर घोर लापरवाही मान रहे हैं।
विज्ञापन
Trending Videos

लोकसभा चुनाव में सपा ने भाजपा को पूर्वी उत्तर प्रदेश व अवध क्षेत्र में ही सबसे अधिक झटका दिया था। विधान परिषद चुनाव में भी सपा पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़ी गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, वाराणसी के दोनों शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और लखनऊ स्नातक सीट जीती। 
 
विज्ञापन

इसके अलावा, पार्टी ने मध्य क्षेत्र की प्रतिष्ठित लखनऊ स्नातक सीट भाजपा से छीनने के साथ ही पश्चिम उत्तर प्रदेश से जुड़ी आगरा-अलीगढ़ शिक्षक सीट भी जीत ली। भाजपा पूर्वी उत्तर प्रदेश की गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट बेहद मामूली अंतर से जीतने में कामयाब रही। 
 
विज्ञापन

नतीजे के संदर्भ में प्रदेश के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव में झटके के बाद हालात संभालने के लिए कई कदम उठाने की बात कही गई। हालांकि, नतीजे बताते हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव का ट्रेंड अब भी बरकरार है। 
 

पार्टी को पूर्वी उत्तर प्रदेश और अवध क्षेत्र में हालात संभालने के लिए विशेष प्रयास करना होगा। पार्टी को इस स्थिति पर गंभीर चिंता इसलिए भी करनी होगी क्योंकि विधान परिषद चुनाव में पढ़ा-लिखा वर्ग मतदाता होता है। 

इनमें से ज्यादा संख्या उन अगड़ा वर्ग की है जिन्हें भाजपा का कोर वोट बैंक माना जाता है। फिर पश्चिम जो भाजपा का सबसे मजबूत किला है, वहां सपा का सीट जीतना चिंता की बात तो है ही।
 

राज्य इकाई से मांगी गई रिपोर्ट
पार्टी के कई नेता इसे प्रबंधन की कमी के साथ यूजीसी की उस गाइडलाइन के प्रति अगड़ों की नाराजगी के बरकरार रखने से भी जोड़ते हैं जिसे वंचित वर्ग को अत्याचार से बचाने के लिए जारी किया गया था। केंद्रीय स्तर पर राज्य की राजनीति से जुड़े वरिष्ठ नेता ने कहा कि पहली दृष्टि में यह कमजोर प्रबंधन का मामला लगता है। राज्य इकाई से रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि, ऐसे चुनाव लड़ने वालों को एक साल पहले सक्रिय होना होता है। 
 

उन्होंने कहा कि पार्टी ने बिहार में महज दो महीने पहले अपनी सबसे सुरक्षित बांकीपुर सीट गंवाई और अब विधान परिषद चुनाव में अपने सबसे मजबूत गढ़ पटना में हार गई। इससे लगता है कि अगड़ों में किसी न किसी कारण से नाराजगी जरूर है। हम इसकी छानबीन कर जल्द ही भावी नुकसान की भरपाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed