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यूपी क्रिकेट टीम में चयन का झांसा देकर अपहरण की साजिश
कानपुर/ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2013 01:15 PM IST
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कल्याणपुर के आवास विकास-एक के मैदान में रविवार को क्रिकेट खेल रहे चार छात्रों को झांसा देकर अगवा करने का प्रयास किया गया। लग्जरी कार सवार दो युवक इन्हें यूपी टीम में चयन कराने का झांसा देकर झांसी ले जा रहे थे। दो को रेलवे स्टेशन और दो को झकरकटी बस अड्डे ले जाने पर एक छात्र को शक हुआ। उसकी सूझबूझ से अपहर्ताओं की साजिश नाकाम हो गई। छात्र एक आरोपी को दबोच कर थाने ले आए लेकिन आरोप है कि उसे पुलिस ने तहरीर के बाद भी छोड़ दिया।
उधर मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी यशस्वी यादव ने मामले की जांच एसपी ग्रामीण मनोज सोनकर को सौंपी है। देर रात एसपी कल्याणपुर थाने पहुंचे और छानबीन शुरू कर दी। बता दें कि शहर में 2002-03 में भी इसी तर्ज पर अर्मापुर मैदान में क्रिकेट खेल रहे तीन किशोरों का अपहरण किया गया था और इटावा के बीहड़ में अरविंद गुर्जर को सौंप दिया गया था। बाद में परिजनों ने फिरौती उन्हें छुड़ाया था।
कल्याणपुर क्षेत्र में रहने वाले चारों छात्र अनिल कुमार, अमित कुमार, सुमित पाल एवं तुषार राजपूत वीरेंद्र स्वरूप एकेडमी में पढ़ते हैं। गायत्री मंदिर के करीब के निवासी सुमित ने बताया कि वह चारों दोस्त क्रिकेट खेल रहे थे। इसी बीच जाइलो से दो युवक आए। एक ने अपने को प्रखर और दूसरे ने अनुराग कटियार उर्फ राजू बताया। दोनों ने कहा यहां क्यों मेहनत बर्बाद कर रहे हो। चलो, हम यूपी क्रिकेट टीम में चयन करा देंगे। इसके लिए केवल झांसी में एक टूर्नामेंट जीतना होगा। वे दोनों के झांसे में आ गए।
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घरवालों को बताकर वे लोग निकले। अनिल और अमित को रेलवे स्टेशन और सुमित एवं तुषार को झकरकटी ले जाया गया। अलग-अलग ले जाते देख उसे शक हो गया। उसने कुछ कागजात दिखाने की बात कही। जिद करने पर आरोपी सरकने लगे तो तुषार की मदद से प्रखर को दबोच लिया। बकौल सुमित भाग रहे अनुराग ने रेलवे स्टेशन पर अपने साथियों को सजग कर भगा दिया। दोनों जगह तीन लग्जरी वाहन पहले से खड़े थे, यह उनके भागने से पता चला।
इधर तब तक अनिल और अमित भी झकरकटी आ गए। प्रखर को चारों आटो से लेकर कल्याणपुर थाने पहुंचे। वहां तहरीर देकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। प्रखर ने अपने को झांसी का निवासी बताया। झांसी में अपहर्ताओं ने एक बीएमडब्लू सफेद कार मिलने की बात कही थी। इधर आरोप है कि छात्रों को घर भेजकर पुलिस ने प्रखर को भी छोड़ दिया। एसएसपी ने बताया कि उन्हें फौरी तौर पर बताया गया कि इनमें झगड़े का कोई मामला है, तहकीकात हो रही है।
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उधर मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी यशस्वी यादव ने मामले की जांच एसपी ग्रामीण मनोज सोनकर को सौंपी है। देर रात एसपी कल्याणपुर थाने पहुंचे और छानबीन शुरू कर दी। बता दें कि शहर में 2002-03 में भी इसी तर्ज पर अर्मापुर मैदान में क्रिकेट खेल रहे तीन किशोरों का अपहरण किया गया था और इटावा के बीहड़ में अरविंद गुर्जर को सौंप दिया गया था। बाद में परिजनों ने फिरौती उन्हें छुड़ाया था।
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कल्याणपुर क्षेत्र में रहने वाले चारों छात्र अनिल कुमार, अमित कुमार, सुमित पाल एवं तुषार राजपूत वीरेंद्र स्वरूप एकेडमी में पढ़ते हैं। गायत्री मंदिर के करीब के निवासी सुमित ने बताया कि वह चारों दोस्त क्रिकेट खेल रहे थे। इसी बीच जाइलो से दो युवक आए। एक ने अपने को प्रखर और दूसरे ने अनुराग कटियार उर्फ राजू बताया। दोनों ने कहा यहां क्यों मेहनत बर्बाद कर रहे हो। चलो, हम यूपी क्रिकेट टीम में चयन करा देंगे। इसके लिए केवल झांसी में एक टूर्नामेंट जीतना होगा। वे दोनों के झांसे में आ गए।
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घरवालों को बताकर वे लोग निकले। अनिल और अमित को रेलवे स्टेशन और सुमित एवं तुषार को झकरकटी ले जाया गया। अलग-अलग ले जाते देख उसे शक हो गया। उसने कुछ कागजात दिखाने की बात कही। जिद करने पर आरोपी सरकने लगे तो तुषार की मदद से प्रखर को दबोच लिया। बकौल सुमित भाग रहे अनुराग ने रेलवे स्टेशन पर अपने साथियों को सजग कर भगा दिया। दोनों जगह तीन लग्जरी वाहन पहले से खड़े थे, यह उनके भागने से पता चला।
इधर तब तक अनिल और अमित भी झकरकटी आ गए। प्रखर को चारों आटो से लेकर कल्याणपुर थाने पहुंचे। वहां तहरीर देकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। प्रखर ने अपने को झांसी का निवासी बताया। झांसी में अपहर्ताओं ने एक बीएमडब्लू सफेद कार मिलने की बात कही थी। इधर आरोप है कि छात्रों को घर भेजकर पुलिस ने प्रखर को भी छोड़ दिया। एसएसपी ने बताया कि उन्हें फौरी तौर पर बताया गया कि इनमें झगड़े का कोई मामला है, तहकीकात हो रही है।