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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Election 2022 Phase 4 Voting Percentage Well Known Faces of Bjp and Akhilesh Candidates Contesting

यूपी में चौथे चरण का चुनाव : जहां से दिग्गजों ने चुनाव लड़ा, वहां कितने फीसदी हुई वोटिंग? जानिए सीटों का समीकरण

Wed, 23 Feb 2022 07:33 PM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Wed, 23 Feb 2022 07:33 PM IST
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सार
उत्तर प्रदेश में चौथे चरण के चुनाव में शाम पांच बजे तक कुल 57.45 फीसदी लोगों ने वोट डाला है। 2017 के मुकाबले अभी ये करीब पांच फीसदी कम है। हालांकि, अभी शाम छह बजे तक के आंकड़े आने बाकी हैं। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़े के बाद ही वोटिंग प्रतिशत की सटीक जानकारी हो पाएगी। 
 
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UP Election 2022 Phase 4 Voting Percentage Well Known Faces of Bjp and Akhilesh Candidates Contesting
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 59 सीटों पर वोटिंग की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। मतदान प्रतिशत का फाइनल आंकड़ा आना बाकी है, लेकिन शाम पांच बजे तक जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार सभी नौ जिलों में वोटिंग घट गई है। 


यही हालत अलग-अलग विधानसभा में भी है। तीन सीटों को छोड़कर बाकी सभी जगह मतदान घट गया है। जिन दो सीटों पर पिछली बार से अधिक वोटिंग हुई है, उनमें लखनऊ कैंट, रायबरेली और बांदा सीट है। लखनऊ कैंट में 2017 में 50.89% वोट पड़े थे। इस बार इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यह बढ़कर 53.47% पहुंच गया है। इसी तरह बांदा में पिछली बार 59.94% लोगों ने वोट डाला था। इस बार यहां 61.07% वोटिंग हो चुकी है। इसी तरह रायबरेली में 0.07% वोटिंग में इजाफा दर्ज किया गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट....


योगी सरकार के चार मंत्रियों के क्षेत्र में कितनी हुई वोटिंग? 

1. आशुतोष टंडन : राजधानी लखनऊ की लखनऊ पूर्व सीट से योगी सरकार के कद्दावर मंत्री आशुतोष टंडन ने चुनाव लड़ा। आशुतोष भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार रहे लालजी टंडन के बेटे हैं। आशुतोष के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने अनुराग भदौरिया को मैदान में उतारा था। अनुराग समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं। बसपा की तरफ से आशीष कुमार सिन्हा और कांग्रेस ने मनोज तिवारी को मैदान में उतारा है। पिछली बार इस सीट पर आशुतोष टंडन को जीत मिली थी। इस सीट पर शाम पांच बजे तक 53.44% वोट पड़े हैं। पिछली बार यहां 53.95% लोगों ने वोट डाला था। उम्मीद है कि चुनाव आयोग की तरफ से फाइनल आंकड़े जारी होने पर इस बार का मतदान प्रतिशत भी बढ़ जाए। 

2. बृजेश पाठक : सूबे की राजधानी लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट से योगी सरकार के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने चुनाव लड़ा। बृजेश ने पिछली बार लखनऊ मध्य से चुनाव जीता था। इस बार उनकी सीट भाजपा ने बदल दी थी। बृजेश के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने सुरेंद्र सिंह गांधी, बसपा ने अनिल पांडेय और कांग्रेस ने दिलप्रीत सिंह को उम्मीदवार बनाया था। 2017 में यह सीट भाजपा के लिए डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने जीती थी। 2019 में रीता जोशी लोकसभा सांसद चुन ली गईं, इसके बाद हुए उपचुनाव में यहां से भाजपा के सुरेश तिवारी विधायक चुने गए थे। लखनऊ कैंट सीट पर वोटिंग में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यहां 2017 में 50.89% वोट पड़े थे। इस बार शाम पांच बजे तक 53.47% लोग वोट डाल चुके थे। मतलब पिछली बार की तुलना में तीन फीसदी वोटिंग बढ़ी है। 

3. रणवेंद्र प्रताप सिंह : फतेहपुर की हुसैनगंज सीट से इस बार भाजपा ने योगी सरकार में कृषिराज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी भैया को मैदान में उतारा था। रणवेंद्र पिछली बार भी इस सीट से विधायक चुने जा चुके हैं। योगी के मंत्री के खिलाफ घेरेबंदी के लिए समाजवादी पार्टी ने उषा मौर्या, बहुजन समाज पार्टी ने फरीद अहमद और कांग्रेस ने शिवाकांत को टिकट दिया था। इस बार इस सीट पर 57.80% लोगों ने वोट डाला है। पिछली बार यहां 61.25% वोटिंग हुई थी।  

4. जय कुमार जैकी : फतेहपुर की बिंदकी सीट से योगी सरकार में जेल मंत्री जय कुमार सिंह जैकी चुनाव लड़े। जैकी भाजपा की गठबंधन वाली अपना दल (सोनेलाल) के टिकट पर मैदान में थे। जैकी के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने रामेश्चर दयाल, बसपा ने सुशील कुमार और कांग्रेस ने अभिमन्यु सिंह को टिकट दिया था। 2017 में यह सीट भाजपा के खाते में थी। तब यहां से करण सिंह पटेल विधायक चुने गए थे। इस बार यहां शाम पांच बजे तक 60.50% लोग वोट डाल चुके हैं। पिछली बार 61.25% वोटिंग हुई थी। 
 

इन चर्चित चेहरों की सीट पर कितनी हुई वोटिंग? 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
राजेश्वर सिंह बनाम अभिषेक मिश्र : ईडी के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह ने भाजपा के टिकट पर लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से चुनाव लड़ा। इसी सीट पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के करीबी और पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्र सपा की तरफ से प्रत्याशी थे। 2017 में सरोजनी नगर सीट से भाजपा की स्वाति सिंह ने जीत हासिल की थी। स्वाति योगी सरकार में मंत्री भी रहीं, लेकिन इस बार उनका टिकट कट गया। इस सीट पर शाम पांच बजे तक 53.56% वोटिंग हो चुकी है। पिछली बार यहां 58.34% लोगों ने वोट डाला था। 

अदिति सिंह बनाम मनीष चौहान : कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाली रायबरेली सीट से भाजपा ने इस बार कांग्रेस की ही बागी विधायक अदिति सिंह को मैदान में उतारा था। अदिति ने 2017 में कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीता था। अदिति सिंह के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने राम प्रताप यादव, बसपा ने मोहम्मद अशरफ और कांग्रेस ने मनीष चौहान को टिकट दिया था। इस सीट पर शाम पांच बजे तक 59.08% लोग वोट डाल चुके थे। पिछली बार के मुकाबले इसमें .07% का इजाफा दर्ज हुआ है। 2017 में यहां 59.01% लोगों ने वोट डाला था। 

नितिन अग्रवाल : हरदोई से 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत हासिल करने वाले नितिन अग्रवाल इस बार भाजपा से मैदान में थे। नितिन को योगी सरकार ने विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया था। नितिन के पिता राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल हैं। नितिन के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने अनिल वर्मा और बहुजन समाज पार्टी ने आशीष सिंह सोमवंशी को मैदान में उतारा था। इस सीट पर शाम पांच बजे तक 55.70% लोग वोट डाल चुके हैं, पिछली बार 58.53% वोटिंग हुई थी।
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