UP Election 2022: सीतापुर में रोजगार व महंगाई पर खुलकर बोलीं महिलाएं, सुरक्षा को लेकर कही ये बात
चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। सीतापुर में महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
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अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच सीतापुर पहुंचा। यहां के महावीर पार्क में हुए इस कार्यक्रम में सीतापुर की महिलाओं ने कहा कि सीतापुर पहले से काफी बेहतर हुआ है। इसके साथ ही महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी खुलकर बात की। इस दौरान किसी ने वर्तमान सरकार के कामकाज की खूब तारीफ की तो किसी ने कहा कि यहां कुछ विकास नहीं हुआ है। पढ़िए किसने क्या कहा?
महिला सुरक्षा का बड़ा मुद्दा उठा
महिला सुरक्षा को लेकर सरिता नाम की महिला ने कहा कि यहां महिलाएं अभी असुरक्षित महसूस करती हैं। रात में अगर किसी भी चीज की जरूरत पड़ती है तो घर से बाहर निकलने में कठिनाई होती है। यहां अभी भी असुरक्षा का भाव है। लोग परेशान होते हैं। वहीं, समृद्धि अग्रवाल ने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है, अभी भी डर का माहौल है। उधर, कल्पना गुप्ता ने कहा कि सीतापुर की महिलाएं सुरक्षित हैं। महिला सुरक्षा के हिलाज से यहां काफी बदलाव हुए हैं। वर्तमान सरकार हम लोगों के बारे में बहुत सोच रही है। एक महिला ने कहा कि यहां जो मुख्य समस्याएं थीं वो ठीक हो गईं। गुंडा गर्दी की समस्या खत्म हो गई।
महिलाओं की ट्रांसफर की समस्या
प्राची मिश्रा (अन्वेषक, शिकक्ष) ने कहा कि महिलाओं के लिए लगातार लड़ रही हूं। मात्र 7000 वेतन है। नियमित करने का वादा किया था पर अभी तक नहीं हुई। 2013 में भी सात हजार ही वेतन था और 2021 में भी यही है। महंगाई बढ़ रही है। क्या हमलोगों के लिए महंगाई नहीं है। कैसे गुजारा करेंगे। उस समय वैसे ही स्कूल आवंटित कर दिए गए थे। उस समय महिलाओं को अपने ही ब्लॉक में रखने का था पर 100 कीमी जाना पड़ता है। 26 जिलें ऐसे हैं जहां ट्रांसफर की समस्या है। महिलाएं 100-100 कीमी जा रही हैं।
विकास के मुद्दे पर क्या बोलीं यहां की महिलाएं?
विकास के मुद्दे पर महिलाओं की मिली जुली प्रतिक्रियाएं मिली। कोई सरकार के कामकाज की तारीफ की तो किसी ने कहा कि यहां कोई विकास नहीं हुआ। रुपा अग्रवाल ने कहा कि मुझे नहीं लगता की यहां कोई बदलाव हुआ। मैं यहीं जन्मी, पली बढ़ी पर हमें नहीं लगता कि यहां कोई विकास हुआ। चाहे कोई भी पार्टी हो किसी ने भी कुछ ही नहीं किया। सुनीता नाम की महिला ने कहा कि सीतापुर में महिलाओं के लिए कोई काम नहीं हुआ है। घरेलू महिलाओं को कुछ न कुछ रोजगार चाहिए, पर उसके लिए सरकार कुछ नहीं सोच रही। वहीं, एक महिला ने कहा कि वर्तमान सरकार में काफी सारे काम अच्छे हुए पर रोजगार की समस्या अभी भी है।
रोजगार, महंगाई और शिक्षा बड़े मुद्दे
कई महिलाओं ने कहा कि महंगाई एक बड़ा मुद्दा है। मंजूला ने कहा कि महंगाई ज्यादा हो रही है। वहीं, रेहाना ने कहा कि लोग महंगाई से परेशान हैं। हम वोट उसे देंगे जो महंगाई कम करेगा। सुनीता ने कहा कि रोजगार यहां बड़ा का मुद्दा है। बच्चों की पढाई को लेकर भी महिलाओं ने सवाल खड़े किए। एक महिला ने कहा कि स्कूल की फीस बढ़ती ही जा रही है। सरकारी स्कूल में खराब खाना मिल रहा। वहां से जो पैसा आता है वो बच्चों को नहीं मिलता है। माना कि सरकार ने योजनाएं बनाई हैं पर लोगों तक नहीं पहुंच पा रही। उधर, नीलम सिंह ने हमलोगों को भी सक्रिय रहने की दरकार है। योजनाएं के बारे में जानना जरूरी है। रीता अवस्थी ने कहा कि आजादी के बाद से लेकर अभी तक जो भी सरकारें आईं पर इस सरकार में बहुत काम हुआ है। मोदी योगी सरकार में राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। इसी सरकार में भगवान आजाद हुए। उन्होंने कहा कि भगवान आजाद हैं तो सब आजाद है।