UP Election 2022: प्रतापगढ़ के युवा मोदी और योगी सरकार से खुश, बोले- हमारे पास इनसे अच्छा ऑप्शन नहीं
चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' युवाओं के बीच पहुंचा। यहां के पीबीपीजी कॉलेज कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने शिरकत की। इस दौरान युवाओं ने विकास, रोजगार, सेना भर्ती, आरक्षण और पेपर लीक के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।
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आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रयागराज में आयोजित 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम में युवाओं ने खुलकर अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम में विकास, रोजगार, सेना भर्ती, आरक्षण और पेपर लीक के मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई। यहां कई युवाओं ने मोदी-योगी सरकार के कामकाज की तारीफ की तो कइयों ने वर्तमान सरकार पर सवालिया निशान उठाए। पढ़िए युवाओं ने और क्या कहा?
कार्यक्रम की शुरुआत में आकांक्षा सिंह ने कहा कि इस सरकार में काम तो अच्छा हो रहा है लेकिन कई ऐसी योजनाएं हैं जिनका क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो रहा है। वहीं, इस छात्रा ने महंगाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ गए। सरकार ने गैस की सुविधा तो दे दी लेकिन सिलेंडर भरवाने के पैसे कहां से आएंगे? इस पर बलदेव राज ने कहा कि इस समय किसी की भी सरकार रहती तो पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते।
अतुल शुक्ला ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या है लेकिन कोई एंटरप्रेन्योरशिप पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि योगी आदित्यनाथ फिर से मुख्यमंत्री बने। यहां सड़कें अच्छी बन गई हैं, पानी की व्यवस्था सही हो गई है, बिजली हमेशा रहती है। वहीं, बिजली तको लेकर कई युवाओं ने ग्रामीण इलाकों में बिजली की स्थिति अच्छी नहीं है। स्नेहा नाम की छात्रा ने कहा कि हमारे कॉलेज के पास की सड़क खराब है।
शिवम त्रिपाठी ने कहा कि सांड खेतों में घूम रहे हैं और फसल को बर्बाद कर रहे हैं। इसके रोकथाम को लेकर सरकार को कुछ करना चाहिए। वहीं, आकाश बारी ने कहा कि गौशाला पर सही तरह से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं, एक छात्र ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कभी किसान सही हो जाते हैं और कभी खराब हो जाते हैं। अगर किसान बिल सही था तो इसे वापस क्यों लेना पड़ा? कृति शुक्ला ने कहा कि अगर किसान किसानी करना नहीं चाहेंगे तो आय कहां से बढ़ेगी? सब बड़ा आदमी बनना चाहते हैं।
प्रशांत सागर ने कहा कि भारत में 60-70 फीसदी लोग किसान हैं लेकिन कृषि में उनका योगदान केवल तीन से चार फीसदी है। हम केवल हम अपनी जरूरतें पूरा करते हैं। उधर, ऋचा पाल ने पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इतने पेपर रद्द क्यों हो रहे हैं? प्रशासन इतना ढीला क्यों है? एनसीसी छात्र मिजाज अहमद ने सेना भर्ती का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से सेना भर्ती नहीं हुई है। वहीं, समसुद्दीन ने भी कहा सेना भर्ती कब आएगी? उधर एक युवक ने कहा कि प्रतापगढ़ में गुंडागर्दी बढ़ गई है।
विकास पांडे ने कहा कि जो प्रतिनिधि पांच दस करोड़ देकर टिकट लेते हैं, उनसे कैसे उम्मीद की जा सकती है वो जनता के लिए काम करेंगे। वह पहले अपनी भरपाई करना चाहते हैं। विजय गौतम ने प्राइवेटाइजेशन का मुद्दा उठाया। निधी ओझा ने आरक्षण का मुद्दा उठाया और कहा कि इसे खत्म करना चाहिए। जातिगत आधारित आरक्षण हटना चाहिए। इन सबके बावजूद ज्यादातर युवा मोदी योगी सरकार से खुश दिखे। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी से अच्छा ऑप्शन हमारे पास नहीं है।