UP Election 2022: भाजपा नेता ने क्यों कहा- जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं, चुनावी बहस में उठा जिन्ना और पटेल का मुद्दा
मैनपुरी में चाय पर चर्चा, महिलाओं से बात और युवाओं से चुनावी चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' राजनीतिक दलों के बीच पहुंचा। यहां नेताओं ने चुनावी मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मैनपुरी में विपक्षी राजनीतिक दलों ने वर्तमान सरकार पर जमकर निशाना साधा तो वहीं सत्तारूढ़ दल ने भी तगड़ा पलटवार किया। 'अमर उजाला' के कार्यक्रम 'सत्ता का संग्राम' में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और प्रसपा (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी) के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। सभी ने अपने उन एजेंडों के बारे में भी बताया, जिसे लेकर वह जनता के बीच वोट मांगने जाएंगे। पढ़िए किस नेता ने क्या कहा?
भाजपा ने गिनाए मुद्दे, सपा पर साधा निशाना
कार्यक्रम की शुरुआत में सबसे पहले भाजपा के जिला अध्यक्ष ने कहा कि मैनपुरी को सपा का गढ़ माना जाता है, बावजूद यहां का विकास नहीं हो सका। हमारी सरकार ने यहां हर क्षेत्रों में विकास किया है और मैनपुरी पहले से बदल गया है। वहीं, उन्होंने सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोहिया जी कहते थे कि जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करती। अगर विकास हुआ होता तो मैनपुरी में सपा को जाना नहीं पड़ता। सपा एक वंशवादी पार्टी है।
संजय चौहान ने कहा कि सपा की सरकार में यहां कोई विकास नहीं हुआ है। वह एक वंशवादी पार्टी है। सपा की सरकार में सैफई का विकास हुआ है। योगी सरकार की तारीफ करते हुए चौहान ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में ऑनलाइन प्रक्रिया है। मौजूदा सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के पथ पर कार्य करती है। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि हमारी सरकार में जनधन योजना, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री आवास शहरी जैसे केंद्र सरकार की योजना हर किसी को मिला, वो भी बिना किसी भेदभाव के। शौच के लिए शौचालय सबको मुहैया कराया गया। इस सरकार में युवा, व्यापारी हर वर्ग के लोग खुश हैं।
विपक्ष ने किया भाजपा पर वार
सपा नेता हाशमी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार रहते हुए भी अगर भाजपा वाले ये मानते हैं कि मैनपुरी भाजपा का गढ़ है तो उन्हें मुबारकबाद है और फिर यह सपा का गढ़ बनेगा। यहां जो भी विकास हुआ है, वह समाजवादी पार्टी की सरकार ने किया है। सपा नेता ने कहा कि जिस पार्क में आप खड़े हैं, वह भी सपा सरकार की ही देन है। कन्या को विद्याधन, लैपटॉप वितरण, लोहिया पार्क, पूरे जिले के लोग इस पार्क में टहलने के लिए आते हैं। इसका जवाब देते हुए भाजपा के एक समर्थक ने कहा कि हाशमी जी कहना है कि यहां नेताजी के शासन में बहुत विकास हुआ तो सुन लीजिए, इनके कार्यकाल में कच्ची दारू बेचने वालों का विकास हुआ, तमंचे बेचने वालों का विकास हुआ, शराब बेचने वालों का विकास हुआ। सपा ने नेता ने कहा कि इस सरकार में कानून व्यवस्था तार तार है।
स्थानीय मुद्दे पर सपा ने एक समर्थक ने कहा कि माना कि सपा कार्यकाल में यहां कोई विकास नहीं हुआ तो पांच साल राज्य की और सात साल केंद्र की सरकार रही फिर भी क्यों नहीं विकास हुआ? जापान के बाद रबर की सड़कें हैं वो सपा की सरकार ने बनवाई। सैनिक स्कूल सपा की सरकार ने बनवाया। लोहिया पार्क सपा सरकार ने बनाया। वहीं, भाजपा के एक समर्थक ने कहा कि जब से योगी सरकार आई है, तब से यहां का विकास शुरू होना शुरू हुआ है। वहीं, एक समर्थक ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी सरकार में थी तो सैफई का विकास होता था। सपा समर्थक ने कहा कि मैनपुरी वाले भाग्यशाली हैं, जो नेता जी जैसा आदमी मिला, मेरी जान सैफई के चलते बची। नेता जी ने यहां विकास किया है।
उधर, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के जिला अध्यक्ष बोट सिंह यादव ने कहा कि अगर सपा ने मैनपुरी का विकास नहीं किया होता है तो उनके अलावा और किसी ने क्योंकि नहीं अपना परचम लहरा पाया? वहीं, एक भाजपा समर्थक ने कहा कि योगी सरकार में काम हुआ है। उन्होंने जीटी रोड का उदाहरण दिया। उन्होंने सपा की सरकार में सब विकास सैफई में होता था। मैनपुरी में चारों सीट जीतेंगे। भाजपा ने कहा कि ये चुनाव पटेल बड़े या जिन्ना, चाचा आजम खान ने जो जौहर विश्वविद्यालय के लिए जो गरीबों की जमीन हथिया ली थी वो योगी जी ने ठीक किया, अतीम अहमद को जेल भेजा। हमारी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया।
किसान और महंगाई का मुद्दा उठा
सपा नेता ने कहा कि इस सरकार में किसानों की हालत दयनीय हो गई। पिछले एक साल में 700 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसने दिनों कर तीन कृषि कानूनों को क्यों नहीं वापस लिया गया। अचानक क्या जरूरत पड़ गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को किसानों से माफी मांगनी पड़ी। इस पर भाजपा नेता ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने किसानों के हित में ये कानून लाए थे। लेकिन समाज का एक तबका खासकर पंजाब और हरियाणा के किसान इसके विरोध में थे। सरकार ने बार बार समझाया लेकिन किसानों ने नहीं माना। फिर इसमें राजनीति घुसती गई। मीडिया से कुछ इनपुट मिले कि इस विरोध प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व घुस सकते हैं। कानून के मुताबिक सरकार ने उसके खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने आगे कहा कि इस कानून पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्टे लगा चुका था बावजूद किसान प्रदर्शन कर रहे थे। तमाम कोशिशों के बाद किसान नहीं मानने को राजी नहीं हुए तो बाद में प्रधानमंत्री जी तीनों कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा की। वहीं, सपा वालों ने कहा कि डीएपी खाद की किल्लत के साथ यूरिया भी किसानों को नहीं मिल रहा है।