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UP Election 2022: मैनपुरी में उठा सुरक्षा का मुद्दा, शिक्षा-विकास सहित कई मसलों पर खुलकर बोलीं महिलाएं

Wed, 24 Nov 2021 01:52 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार झा Updated Wed, 24 Nov 2021 01:52 PM IST
सार

चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। मैनपुरी में महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
 

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UP Assembly Election 2022 Mainpuri Aadhi Abadi Ki Baat Coverage News Updates In Hindi
मैनपुरी, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, आधी आबादी से बात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुधवार को देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले मैनपुरी में महिलाओं ने विकास, सुरक्षा और शिक्षा को लेकर खुलकर बात की। इस दौरान देश की आधी आबादी ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ भी की और कुछ कमियां भी गिनाई। पढ़िए किसने क्या कहा?

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सुरक्षा व विकास बड़ा मुद्दा
राधा तिवारी ने कहा कि यहां महिला सुरक्षा मुख्य मुद्दा है। मैनपुरी में रात 10 बजे के बाद घर से बाहर निकलने में डर लगता है। यहां लड़कियां असुरक्षित महसूस करती हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता है। वहीं, सविता भदौरिया ने कहा कि यहां रात आठ बजे के बाद सारे मार्केट बंद हो जाते हैं। यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। लोग डरे रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर विकास की बात करें तो यहां धीरी धीरे विकास हुआ है। कई मॉल्स बने हैं, कई मार्केट हैं। सत्या भारद्वाज ने कहा है कि मेरी पैदाइश यहीं की है, पहले के मुकाबले यहां हर क्षेत्रों में बदलाव हुआ है। अस्पताल में डॉक्टर्स हैं, चीजें पहले से काफी बदली हैं। कहकशा नाम की एक छात्रा ने कहा कि इस सरकार में उतना विकास नहीं दिखा।
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आरती दुबे ने कहा कि यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। अंधेरा होते ही घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। वहीं, रोमियो स्क्वाड को लेकर कहा कि वह तो एक जगह खड़ा होता है। पूजा पांडे ने कहा कि मुझे तो लगता है कि यहां बहुत ज्यादा परिवर्तन नहीं हुआ है। वहीं शिवानी ने कहा कि मैनपुरी में काफी विकास हुआ है। किरण सोदिया ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार तब तक नहीं रुकेगा जब तक महिलाएं शिक्षित नहीं होगीं। ग्रामीण इलाकों में अभी भी 50 फीसदी तक महिलाएं अशिक्षित हैं, वो अपने अधिकारों को नहीं जानती। इसलिए गांव की महिलाओं का शिक्षित होना काफी जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। यहां विकास के लिए उद्योग धंधे लगाने की दरकार है। 

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UP Assembly Election 2022 Mainpuri Aadhi Abadi Ki Baat Coverage News Updates In Hindi
मैनपुरी, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, आधी आबादी से बात - फोटो : अमर उजाला

उधर, चेन्नई की एक महिला ने शिक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांव व शहर की महिलाओं में इतना डिस्क्रिमिनेशन क्यों किया जाता है। शिक्षा को हर जगह क्यों नहीं पहुंचाया जाता। इस महिला ने आगे कहा कि सोशल मीडिया के सहारे अगर हर चीज सभी के पास पहुंचती है तो शिक्षा को क्यों नहीं पहुंचाया जा सकता? पिछले छह साल से मैनपुरी में रही रहीं कोलकाता की एक महिला ने कहा कि लोगों को सोच बदलने की दरकार है। माता-पिता को लड़कियों के मुकाबले लड़को को भी ध्यान देने की आश्यकता है। महिलाओं के साथ अगर अत्याचार होता है तो उसी से 10 सवाल पूछा जाता है। वहीं, उन्होंने रोमियो स्क्वाड के बारे में कहा कि इसकी जरूरत क्यों? बाकी अन्य राज्यों में क्यों नहीं इसकी जरूरत है?

शिक्षा को लेकर क्या बोलीं महिलाएं?
भौतिकी से एमएससी कर चुकीं शैला खान ने कहा कि मैनपुरी में शिक्षा को लेकर विकास हो रहा है। मगर प्रोफेशनल तरीके से जैसा होना चाहिए वैसा नहीं हो रहा है। कुछ कोर्स हैं कुछ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग और परेशान रहते हैं। आकांक्षा मिश्रा ने कहा कि मैनपुरी शिक्षा के लिहाज से काफी बदला है। अच्छे-अच्छे से कॉलेज और स्कूल हैं। शहर पहले से बेहतर हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि यहां और ज्यादा विकास होने की दरकार है, ज्यादा से ज्यादा कॉलेज बनने चाहिए। नीतू तिवारी ने कहा कि उच्च शिक्षा में यहां संभावनाए हैं। पहले से बेहतर विकास हुआ है। शैला खान ने कहा कि हम जिसे वोट करते हैं तो ऐसा लगता है कि वह अच्छा काम करेंगे पर हमेशा मायूसी रहती है। उधर, कहकशा ने कहा कि लॉकडाउन के बाद से बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ा है। काफी बच्चों ने स्कूल छोड़ा है, इसको लेकर एक समिति बनाने की दरकार है ताकि डेटा तैयार की जा सके। 

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