UP Election 2022: महोबा में स्वास्थ्य के मुद्दे पर खुलकर बोलीं महिलाएं, महिला सुरक्षा को लेकर कही ये बात
चाय पर चर्चा और युवाओं से बातचीत के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच महोबा पहुंचा। यहां महिलाओं और छात्राओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच महोबा पहुंचा। इस दौरान यहां कि महिलाओं और छात्राओं ने शिक्षा, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई के मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ की तो कुछ ने कमियां गिनाई। पढ़िए किसने क्या कहा?
स्नेहा कुशवाहा ने कहा कि यहां स्वास्थ्य व्यवस्था खराब है। अस्पताल में 50 फीसदी डॉक्टर हैं और 50 फीसदी नहीं हैं। जिला अस्पताल में अगर नॉर्मल इलाज भी कराने जाऊं तो वो बाहर रेफर कर देते हैं। नंदनी खरे ने कहा कि वाकई यहां बेहतर इलाज की सुविधा नहीं है। डॉक्टर सुनते ही नहीं हैं। केवल पर्चा दे देंगे लेकिन उसमें जो दवाइयां लिखी होती हैं, उसमें सारी दवाएं समान होती हैं और वो भी बाहर से लेना पड़ता है। वहीं, संतोषी कुशवाहा ने अगर कोई जान पहचान का होता है उसका जल्दी इलाज हो जाता है और जो जान पहचान के नहीं होते उसे भगा देते हैं। स्नेहा ने कहा कि ज्यादातर दवाएं अस्पताल में नहीं मिलती हैं, बाहर से खरीदना पड़ता है। उसमें भी कमीशन फिक्स रहता है।
डॉ विभा ने कहा कि अभी जो बच्चियों ने कहा है ये बात सही है कि कोई विशेषज्ञ नहीं हैं। यहां बेसिक इलाज होता है। सुविधाए कम हैं। महिला अस्पताल में सुविधाएं बढ़ीं हैं। पुरुष अस्पताल में अभी भी सर्जरी की व्यवस्था नहीं है। साधना नाम की छात्रा ने कहा कि जब चुनाव आता है तब सब लोग अपनी अपनी पार्टी के लिए लग जाते हैं और जब चुनाव खत्म हो जाता है तब सब शांत बैठ जाते हैं। योगिता ने कहा कि भाजपा ने बहुत काम किया है। धारा 370 हटाई, राम मंदिर बनाया, तीन तलाक पर रोक लगाया। महोबा में महिलाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित हो गई हैं। बाकी जनता खुद जागरूक नहीं होती है और सरकार को दोष देती है। साधना ने कहा कि अभी तो सब अपना अपना प्रचार कर रहे हैं लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद सब लोग शांत बैठ जाएंगे। फिर नहीं देखेंगे कि किसकी कमी है और क्या चाहिए। रजनी पाठक ने कहा कि पहले से काफी सुधार हुआ है और सरकार प्रयास भी कर रही है।
मुस्लिम छात्रा कायनात ने कहा कि पहले से काफी सुधार हुआ है। मगर यहां ज्यादा कॉलेज नहीं हैं। स्वास्थ्य के मुद्दे पर कायनात ने कहा कि मेरे ख्याल से यहां एक एम्स होना चाहिए। छोटी छोटी समस्याओं के लिए लोगों को कानपुर, झांसी, छतरपुर जाना पड़ता है। हालांकि, इस सरकार में पहले से ज्यादा अच्छा काम हो रहा है। पहले के मुकाबले छेड़छाड़ की घटनाओं में कमी आई है।
प्रियंका अनुरागी ने कहा कि सरकार को थोड़ा सा कानून दृढ़ बनाना चाहिए ताकि महिलाओं की सुरक्षा ज्यादा हो सके। लोग कानून से डरते ही नहीं। कोई भी कमेंट पास कर देता है, रेप कर देता, छेड़छाड़ कर देता है। इसको लेकर कड़े कानून होने चाहिए। मामले में 10-10 साल तक केस चलता रहता है। मैं चाहती हूं कानून को अच्छा बनाया जाए। प्रियंका ने आगे कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तो बहुत समस्या है। बार बार पेपर लीक हो जाता है। यहां शिक्षा, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्रों में बहुत कमी है।
आभा गुप्ता ने कहा कि यहां काफी बदलाव हुआ है। यहां के डीएम ने अच्छे काम किए हैं। वहीं, अगर राजनीति की बात करें तो जनता के पास योगी जी जैसा कोई ऑप्शन ही नहीं है। योगी सरकार में सबसे ज्यादा गुंडागर्दी कम हुई है। माफियाओं पर लगाम लगाया गया है। योगी और अखिलेश में किसे आना चाहिए के सवाल पर साधना ने कहा कि अखिलेश यादव भेदभाव का काम करते हैं। वो केवल अपनी जाति के लिए करते हैं लेकिन योगी जी ऐसा नहीं करते।
स्नेहा ने कहा कि यहां पर योगी और अखिलेश यादव की बात चल रही है लेकिन केजरीवाल एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं। मैं एक यूथ हूं और मैं केजरीवाल को सपोर्ट करूंगी क्योंकि दिल्ली में उन्होंने जिस तरह फ्री बिजली, शिक्षा के क्षेत्र में जो काम किए हैं, अच्छा है। नैंसी ने कहा कि ऐसा कोई काम है नहीं जो योगी जी ने नहीं किया है। बेघरों को घर दिया, गांव में सभी को शौचालय दिया, राशन-पानी और बिजली दिया। योगी जी जैसा कोई आएगा भी नहीं। इस स्नेहा ने महंगाई का मुद्दा का मुद्दा उठाया। वहीं, एक छात्रा ने कहा कि भाजपा ने इतना काम किया कि अन्य देशों में भारत का नाम है।