UP Election 2022: कन्नौज में रोजगार व महंगाई पर खुलकर बोलीं महिलाएं, सुरक्षा को लेकर कही ये बात
चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। कन्नौज में महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज यानी सोमवार को देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। इत्र की नगरी कही जाने वाली कन्नौज में महिलाओं ने सुरक्षा और महंगाई को लेकर खुलकर बात की। इस दौरान देश की आधी आबादी ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ भी और कुछ कमियां भी गिनाई। पढ़िए किसने क्या कहा?
विकास को लेकर क्या बोलीं महिलाएं
विकास के मामले में कन्नौज की महिलाओं ने योगी सरकार की जमकार तारीफ की। गुंजन नाम की महिला ने कहा कि यहां पहले से काफी बदलाव हुआ है। बहुत कुछ बदला है। सड़कें पहले से ज्यादा अच्छी हुई हैं। यहां विकास भी हुआ है। सुरक्षा भी हमें दिखाई देती है। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि महामारी के समय में वर्तमान सरकार ने बेहतर प्रबंध किया। सबका फ्री टीकाकरण करवाया गया। सभी को फ्री राशन दी गई। वहीं, इशरत जहां नाम की एक महिला ने कहा इस सरकार में सड़कें पहले से अच्छी हैं। सरकार की तरफ से मदद भी मिलती है।
उधर, शशिमा सिंह ने टीकाकरण को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर हम इस मुद्दे पर बात करते हैं तो मौजूदा सरकार में ऐसा नहीं हुआ। टीकाकरण के लिए सरकार ने जगह जगह कैंप नहीं लगवाए। सबको जिला अस्पताल जाना पड़ता है, जो काफी दूर है। वहीं, अनीता चौहान ने कहा कि मौजूदा सरकार में अच्छा काम नहीं दिखता है। कोरोना काल में ठीक दिखा। स्कूलों में कैंप लगाए। हर जगह कोरोना टीकाकरण का कैंप लगाया गया। वहीं, एक महिला ने कहा कि हर कोई जिला अस्पताल नहीं जा सकता यहां कोई काम नहीं हुआ हैं। सड़कें अभी भी खराब हैं।
महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
कन्नौज की महिलाओं ने महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार को घेरा। कुसुम यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार जब से आई है तब से यहां महिलाओं का शोषण किया जा रहा है। इस सरकार में बहुत से लोग पीड़ित व परेशान हैं। यहां कोई विकास नहीं हुआ। यह अमीरों की सरकार है। इस सरकार में गरीबों की कोई मदद नहीं होती। गुड्डी देवी नाम की महिला ने कहा कि मेरे साथ गलत हुआ। थाने में मेरी कोई सुनवाई। हमने थाने से लेकर एसपी ऑफिस तक के चक्कर काट लिए लेकिन मुझे इंसाफ नहीं मिली। मधु कश्यप (वकील) ने कहा कि यहां प्रशासन की लचर व्यवस्था है। पहले लोग थाने आते हैं, इसके बाद एसपी साहब के पास जाते हैं, पर कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने आगे कहा कि पता नहीं अधिकारियों के ऊपर दबाव होता है या वो सुनना नहीं चाहते.. नहीं पता। यहां लोगों को न्याय दिलाने में काफी देर हो जाती है। सुनीता चौहान ने कहा कि इस सरकार ने महिलाओं को घर से निकलना सिखाया।
उधर, अंगुरी दहारिया ने प्रशासन कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं है। कमजोर वर्ग की महिलाओं की कोई बात नहीं सुनी जाती है। यहां की पुलिस गाली देकर भगा देती है। प्रशासन की व्यवस्था लचर है। महिलाओं को बहुत परेशानी हो रही है। बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है। अगर कोई महिला थाने में जाती हैं तो उन्हें कोई सहयोग नहीं मिलता। चार में दो मामले में सुना जाता बाकी दो के लिए महिलाएं भटकती रहती हैं। उन्होंने आगे कहा कि खासकर देहात की महिलाएं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दबी कुचली महिलाएं यहां खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। वहीं, स्नातक की एक छात्रा प्रतीक्षा चौहान ने कहा कि सरकार अच्छी है। सुरक्षा को लेकपर कहा कि उन्हें अब डर नहीं लगता है।
जोर पकड़ा महंगाई का मुद्दा
महंगाई के मुद्दे पर यहां की महिलाएं खुलकर अपनी बात रखी। कुसुम यादव ने कहा कि इस सरकार में लोग महंगाई से परेशान हैं। किचन चलाना मुश्किल हो गया है। जबरदस्त महंगाई है, हर चीज पर शोषण हो रहा है। वहीं, रिना सिंह ने कहा कि योगी जी ने जो वादे किए थे वे पूरा नहीं हुए। किसानों की परेशानी कोई नहीं सुना रहा है। सुनीता चौहान नाम की एक महिला ने कहा कि काफी समुह चल रहे हैं। उन्होंने बैंक वाले सीसीएल नहीं बना रहे हैं, इसका मुद्दा उठाया।