UP Election 2022: शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर खुलकर बोलीं चित्रकूट की महिलाएं, पढ़िए किसने क्या कहा?
चाय पर चर्चा और युवाओं से बातचीत के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच चित्रकूट पहुंचा। यहां महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच चित्रकूट पहुंचा। इस दौरान यहां कि महिलाओं ने विकास, महंगाई, शिक्षा, सड़क और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ की तो कुछ ने कमियां गिनाई। पढ़िए किसने क्या कहा?
कार्यक्रम की शुरुआत में कविता गौतम ने कहा कि चित्रकूट में पहले के मुकाबले काफी सुधार हुआ है। पहले रोड और बिजली की समस्याएं थीं लेकिन अब इसमें बहुत सुधार हुआ है। सड़कें पहले बेहतर हुई हैं। यहां पहले के मुकाबले में अच्छा काम हुआ है। हम ये नहीं कह सकते हैं 100 फीसदी काम हुआ है, कुछ काम बाकी भी हैं। वहीं, एक महिला ने कहा कि गांव की सड़कें अभी भी खराब हैं। बरसात में बहुत दिक्कतें होती हैं। काम तो शुरू हुआ लेकिन आधा अधूरा पड़ा है। गांव के और अंदर कच्ची सड़कें हैं। बरसात के समय में यहां समस्या होती है। नीतू सिंह ने खाद्द की समस्या का मुद्दा उठाया। कहा कि दो-दो, तीन-तीन दिनों तक लाइन लगी रहती हैं। इस दौरान लड़ाइयां भी होती हैं। गांव तक काम पहुंचा है लेकिन शौचालय कहीं बने और कहीं नहीं बने। गांव की सड़कें भी इतनी विस्तार से नहीं बनी हैं।
राधिका सिंह ने वैकेंसी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कि वैकेंसियां समय पर नहीं आती है। इतने वर्षों से लोग तैयारी कर रहे हैं। उम्र निकलने के बाद जब वैकेंसियां आएगी तो उसका क्या, लोग रह जाते हैं। सुमन शुक्ला ने कहा कि बहुत सुधार की जरूरत है। अभी भी बहुत सी सड़कें खराब हैं। हालांकि, पहले से थोड़ा बेहतर हुआ है लेकिन अभी भी यहां बिजली की समस्या, पानी की समस्या है। शहरों की तुलना से काफी पीछे है चित्रकूट। सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगानी चाहिए। यहां फिलहाल बहुत विकास की जरूरत है। अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि काफी सुधार आया और की आवशय्कता है। पहले सड़कों की समस्या थी, बिजली की समस्या थी लेकिन अब इसमें सुधार आया है। पहले के मुकाबले चित्रकूट काफी बेहतर हो गया है।
डॉ आरती गुप्ता ने कहा कि चित्रकूट में शिक्षा के दृष्टि से अभी काफी कुछ कमियां है। यहां केवल बीएम एमए है। किसी बच्ची को एमएससी करना है तो यहां उसके लिए व्यवस्था नहीं है। हम चाहेंगे कि यहां शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करना चाहिए। जहां तक लड़कियों की सुरक्षा की बात है तो यहां महिलाएं व लड़कियां असुरक्षित हैं। आए दिन पेपर में महिला असुरक्षा से संबंधित कुछ न कुछ घटनाएं सामने आती हैं। लड़कियों के लिए आत्मरक्षा अभियान चलाना चाहिए। लड़कियों को मार्शल आर्ट, कराटे की ट्रेनिंग दी जी सके, जिससे वो खुद की रक्षा कर सके। इसके लिए सरकार को यहां कुछ करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक सड़कों की बात है कि सड़कों पर गड्ढे तो रहते ही हैं। सरकार के द्वारा वहां से मटेरियल भेज दिया जाता है लेकिन बीच में कितना घपला होता है, कुछ कह नहीं सकते। किसी खास व्यक्ति को जब आना होता है तब एक दो महीने में ही सड़क को बना देते हैं लेकिन फिर वह बाद में टूट जाता है। मैं सरकार से यही चाहूंगी कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से यहां अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। सुष्मिता चौधरी ने कहा कि यहां अस्पताल है लेकिन वहां डॉक्टर समय पर नहीं रहते हैं। तनुजा श्रीवास्तव ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ है। काम बहुत धीमे हो रहा है। काम बोलने के बजाय जमीन पर दिखना चाहिए। क्रियान्वयन होना जरूरी है।