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साप्ताहिक बंदी फिर भी लिया जा रहा काम
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 12 Aug 2015 12:13 AM IST
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उन्नाव। शहर के दुकानदार सातों दिन दुकानें खोलकर डीएम के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों का भी शोषण कर रहे हैं। सातों दिन काम कराने के एवज में दुकानदार कर्मचारियों को अलग से कोई पारिश्रमिक भी नहीं देते। आर्थिक तंगी और नौकरी की मजबूरी के चलते ये कर्मचारी दुकानदारों के आदेश पर काम करने को मजबूर हैं। जिम्मेदार विभाग के अधिकारी साप्ताहिक बंदी के दिन भी दुकानें खोलने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई नहीं करते हैं।
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शहर में मंगलवार को साप्ताहिक बंदी होती है। इस दिन अत्यंत आवश्यक वस्तुओं जैसे डाक्टरों के क्लीनिक, मेडिकल स्टोर, खाने-पीने आदि के सामानों की दुकानों के अलावा अन्य सभी दुकानें बंद रखने के आदेश हैं। बंदी के दिन भी दुकानदार अपनी दुकानें खोले रहते हैं। जिससे दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को सप्ताह के सातों दिन काम करना पड़ता है। शहर की धवन रोड स्थित मार्केट में एक कपड़े की दुकान में काम करने वाले राकेश ने बताया कि मालिक मंगलवार को होने वाली बंदी के दिन भी छुट्टी नहीं देते हैं और पूरे दिन काम करवाते हैं। कहा कि इसके बदले उसे कोई भी अतिरिक्त पारिश्रमिक नहीं दिया जाता है।
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उधर स्टेशन रोड में काम करने वाले इरशाद ने कहा कि मंगलवार को काम का पैसा नहीं मिलता है जबकि इसके अलावा कभी अगर छुट्टी कर देते हैं तो मालिक उसका पैसा काट लेता है। बाबूगंज स्थित मोटर मार्केट में भी दुकानें खुली रहती हैं।
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सहायक श्रमायुक्त वीपी द्विवेदी ने बताया कि डीएम के आदेश का पालन अवश्य किया जाएगा। अभी मैं बाहर हूं। दुकानों का निरीक्षण करवाया जाएगा। यदि दुकानें खुली पाईं गईं तो कार्रवाई अवश्य की जाएगी।