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सड़क किनारे मिली नवजात बच्ची
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चाइल्ड लाइन कर्मी शालिनी मिश्रा को नवजात बच्ची सौपतें सीएचसी प्रभारी डा. अरुण कुमार। संवाद
- फोटो : UNNAO
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नवाबगंज। असोहा थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के खेत गई महिला ने एक नवजात के रोने की आवाज सुनी। एक अन्य ग्रामीण की मदद से बच्ची को कपड़े में लपेटकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्ची को नवाबगंज सीएचसी में भर्ती कराया। बाल कल्याण समिति ने बच्ची को एसएनसीयू (सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया है।
असोहा थाना क्षेत्र के बड़ी बहेरिया गांव निवासी सोना देवी सोमवार तड़के खेत जा रही थीं। सड़क किनारे उन्हे नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाने पर एक दुधमुंही बच्ची ईंट-पत्थर के टुकड़ों के ऊपर पड़ी थी। एक कपड़ा भी पास में पड़ा था। बच्ची को रोता देख एक अन्य ग्रामीण की मदद से बच्ची को कपड़े में लपेटा और 112 पर जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को नवाबगंज सीएचसी में भर्ती कराया।
असोहा पुलिस ने चाइल्ड लाइन को मामले की जानकारी दी। बाल संरक्षण अधिकारी संजय मिश्र मौके पर पहुंचे और बच्ची के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी सीएचसी प्रभारी डा. अरुण कुमार से ली। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची का जन्म रात को ही हुआ है। उसे जन्म लेने के बाद ही फेंक दिया गया है। बच्ची को देखने वाली महिला सोना देवी ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई। बाल संरक्षण अधिकारी ने कागजी कार्रवाई पूरी करने की बात कह सोना देवी समेत अन्य लोगों को लौटा दिया।
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चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के दिवाकर ओझा व शालिनी मिश्रा अपनी देखरेख में बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया है। बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि बच्ची डॉक्टरों की देखरेख में रहेगी।
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असोहा थाना क्षेत्र के बड़ी बहेरिया गांव निवासी सोना देवी सोमवार तड़के खेत जा रही थीं। सड़क किनारे उन्हे नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाने पर एक दुधमुंही बच्ची ईंट-पत्थर के टुकड़ों के ऊपर पड़ी थी। एक कपड़ा भी पास में पड़ा था। बच्ची को रोता देख एक अन्य ग्रामीण की मदद से बच्ची को कपड़े में लपेटा और 112 पर जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को नवाबगंज सीएचसी में भर्ती कराया।
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असोहा पुलिस ने चाइल्ड लाइन को मामले की जानकारी दी। बाल संरक्षण अधिकारी संजय मिश्र मौके पर पहुंचे और बच्ची के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी सीएचसी प्रभारी डा. अरुण कुमार से ली। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची का जन्म रात को ही हुआ है। उसे जन्म लेने के बाद ही फेंक दिया गया है। बच्ची को देखने वाली महिला सोना देवी ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई। बाल संरक्षण अधिकारी ने कागजी कार्रवाई पूरी करने की बात कह सोना देवी समेत अन्य लोगों को लौटा दिया।
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चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के दिवाकर ओझा व शालिनी मिश्रा अपनी देखरेख में बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया है। बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि बच्ची डॉक्टरों की देखरेख में रहेगी।