{"_id":"6ae253ed25f83aff17099e50","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1025-160354-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: राम सेतु निर्माण और अंगद-रावण संवाद का मंचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: राम सेतु निर्माण और अंगद-रावण संवाद का मंचन
विज्ञापन
रामेश्वर स्थापना की लीला का दृश्य का अभिनय करते कलाकार। संवाद
बीघापुर। नगर पंचायत के बाबा गोदावलेश्वर धाम में चल रही तीन दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन बुधवार को राम-सेतु निर्माण, रामेश्वर स्थापना और अंगद-रावण संवाद की लीला का मंचन किया गया। स्थानीय बाल कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों का सुंदर मंचन कर दर्शकों का मन मोह लिया।
लीला में सीता की खोज कर लंका से लौटे हनुमान ने भगवान राम को माता सीता की स्थिति और लंका के बारे में बताया। इसके बाद भगवान राम सेना सहित समुद्र तट पर पहुंचे। समुद्र पार जाने के लिए राम ने तीन दिनों तक समुद्र से मार्ग देने की प्रार्थना की। मार्ग नहीं मिलने पर उन्होंने धनुष-बाण से समुद्र को दंड देने का संधान किया। इस पर समुद्र देव प्रकट हुए और सेतु निर्माण का उपाय बताया। उनके बताए उपाय से नल-नील ने सेतु का निर्माण किया। इसके बाद रामेश्वर स्थापना और पूजन की लीला हुई।
सेतु पार कर राम की सेना लंका पहुंची। मंत्रियों की सलाह पर अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा गया। रावण द्वारा भगवान राम को वनवासी कहने पर अंगद ने सभा में पैर जमा दिया। उन्होंने चुनौती दी कि कोई उनका पैर हटा दें तो प्रभू राम, माता सीता को हार जाएंगे। अंगद-रावण संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। कार्यक्रम में सुधीर बाजपेई, डॉ. संतोष साहू, अशोक सोनी, रानू त्रिवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लीला में सीता की खोज कर लंका से लौटे हनुमान ने भगवान राम को माता सीता की स्थिति और लंका के बारे में बताया। इसके बाद भगवान राम सेना सहित समुद्र तट पर पहुंचे। समुद्र पार जाने के लिए राम ने तीन दिनों तक समुद्र से मार्ग देने की प्रार्थना की। मार्ग नहीं मिलने पर उन्होंने धनुष-बाण से समुद्र को दंड देने का संधान किया। इस पर समुद्र देव प्रकट हुए और सेतु निर्माण का उपाय बताया। उनके बताए उपाय से नल-नील ने सेतु का निर्माण किया। इसके बाद रामेश्वर स्थापना और पूजन की लीला हुई।
विज्ञापन
सेतु पार कर राम की सेना लंका पहुंची। मंत्रियों की सलाह पर अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा गया। रावण द्वारा भगवान राम को वनवासी कहने पर अंगद ने सभा में पैर जमा दिया। उन्होंने चुनौती दी कि कोई उनका पैर हटा दें तो प्रभू राम, माता सीता को हार जाएंगे। अंगद-रावण संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। कार्यक्रम में सुधीर बाजपेई, डॉ. संतोष साहू, अशोक सोनी, रानू त्रिवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन