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Unnao News: फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी पाने वाली नर्स से नहीं हुई वसूली
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उन्नाव। महिला अस्पताल में नर्स के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी मिले थे। इस मामले में अब तक नर्स पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। सीएमएस ने सीडीओ को पत्र भेजा है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग मामले को संभालने में जुट गया है।
वर्ष 2020 में कानपुर निवासी सपना अग्रवाल की नर्स के पद पर तैनाती हुई थी। महिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस अरविंद आनंद ने जांच की। इसमें नर्सिंग काउंसिल उप्र का पंजीकरण फर्जी पाया गया। आठ अप्रैल को सेवा प्रदाता कंपनी ने नर्स की सेवा समाप्त कर दी थी। सीएमएस के अनुसार, जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आदेश दिए गए थे। इसमें नर्स द्वारा लिए गए मानदेय की वसूली होनी थी। यह मानदेय नियुक्ति वर्ष से मार्च 2026 तक का 12 लाख 99 हजार रुपये है। प्राथमिकी दर्ज कराने के भी आदेश दिए गए थे। हालांकि, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सीएमओ एके शर्मा ने बताया कि उन्होंने मामले का संज्ञान लिया है। तत्कालीन सीएमओ ने कंपनी को मानदेय की वसूली कर सरकारी कोष में जमा कराने को कहा था। उन्होंने आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भी कहा था। कंपनी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में अब कंपनी को दोबारा पत्र भेजा जाएगा।
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वर्ष 2020 में कानपुर निवासी सपना अग्रवाल की नर्स के पद पर तैनाती हुई थी। महिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस अरविंद आनंद ने जांच की। इसमें नर्सिंग काउंसिल उप्र का पंजीकरण फर्जी पाया गया। आठ अप्रैल को सेवा प्रदाता कंपनी ने नर्स की सेवा समाप्त कर दी थी। सीएमएस के अनुसार, जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आदेश दिए गए थे। इसमें नर्स द्वारा लिए गए मानदेय की वसूली होनी थी। यह मानदेय नियुक्ति वर्ष से मार्च 2026 तक का 12 लाख 99 हजार रुपये है। प्राथमिकी दर्ज कराने के भी आदेश दिए गए थे। हालांकि, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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सीएमओ एके शर्मा ने बताया कि उन्होंने मामले का संज्ञान लिया है। तत्कालीन सीएमओ ने कंपनी को मानदेय की वसूली कर सरकारी कोष में जमा कराने को कहा था। उन्होंने आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भी कहा था। कंपनी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में अब कंपनी को दोबारा पत्र भेजा जाएगा।
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