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Unnao News: युवक की हत्या में पड़ोसी को उम्रकैद
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उन्नाव। फतेहपुर चौरासी थाना के पट्टी उस्मान गांव में पांच जुलाई 2018 को धारदार हथियार से पड़ोसी युवक की हत्या करने वाले न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में एक महिला आरोपी को बरी कर दिया।
पट्टी उस्मान गांव निवासी रामू पांच जुलाई 2018 की रात करीब नौ बजे किसी का फोन आने पर बात करते हुए घर से निकला और वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आस पड़ोस और रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की लेकिन रामू का कहीं पता नहीं चला। अगले ही दिन छह जुलाई को सुबह खेत जा रहे गांव के ही पप्पू, सन्नू, सारू व शीलू ने गांव के बाहर कब्रिस्तान में रामू का शव देखा तो परिजनों को जानकारी दी। रामू के पिता राजकुमार ने गांव के लापता होने से पहले बेटे रामू को गांव के ही फिरोज उर्फ छोटक्के, गुड्डू, मेंहदी व जुल्फकारपुर अंबैरा गांव निवासी रज्जन के साथ देखे जाने और उन्हीं पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना में भूमिका साबित न होने पर गुड्डू, मेंहदी और रज्जन का नाम हटाते हुए फिरोज उर्फ छोटक्के और उसकी पत्नी समरुन के खिलाफ हत्या का आरोप पत्र दाखिल किया। सोमवार को अपर सत्र न्यायालय तृतीय में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश ममता सिंह ने फिरोज उर्फ छोटक्के का दोष साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही पचास हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जबकि उसकी पत्नी समरुन को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त किया गया।
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अवैध संबंधों के शक में घटना की रही थी चर्चा
घटना के समय पुलिस व ग्रामीणों ने अवैध संबंधों के शक में रामू की हत्या की चर्चा रही थी। चर्चा रही कि घटना वाली रात फिरोज ने ही फोन कराकर रामू को घर से बाहर बुलाया था।
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पट्टी उस्मान गांव निवासी रामू पांच जुलाई 2018 की रात करीब नौ बजे किसी का फोन आने पर बात करते हुए घर से निकला और वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आस पड़ोस और रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की लेकिन रामू का कहीं पता नहीं चला। अगले ही दिन छह जुलाई को सुबह खेत जा रहे गांव के ही पप्पू, सन्नू, सारू व शीलू ने गांव के बाहर कब्रिस्तान में रामू का शव देखा तो परिजनों को जानकारी दी। रामू के पिता राजकुमार ने गांव के लापता होने से पहले बेटे रामू को गांव के ही फिरोज उर्फ छोटक्के, गुड्डू, मेंहदी व जुल्फकारपुर अंबैरा गांव निवासी रज्जन के साथ देखे जाने और उन्हीं पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना में भूमिका साबित न होने पर गुड्डू, मेंहदी और रज्जन का नाम हटाते हुए फिरोज उर्फ छोटक्के और उसकी पत्नी समरुन के खिलाफ हत्या का आरोप पत्र दाखिल किया। सोमवार को अपर सत्र न्यायालय तृतीय में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश ममता सिंह ने फिरोज उर्फ छोटक्के का दोष साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही पचास हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जबकि उसकी पत्नी समरुन को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त किया गया।
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अवैध संबंधों के शक में घटना की रही थी चर्चा
घटना के समय पुलिस व ग्रामीणों ने अवैध संबंधों के शक में रामू की हत्या की चर्चा रही थी। चर्चा रही कि घटना वाली रात फिरोज ने ही फोन कराकर रामू को घर से बाहर बुलाया था।