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Unnao News: 100 बीघा मक्का और धान की फसल जलमग्न
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फोटो-13- जलभराव से होकर आवागमन करते ग्रामीण। संवाद
गंजमुरादाबाद। कल्याणी नदी का जलस्तर दूसरे दिन भी स्थिर रहा जबकि क्षेत्र के किसान बाढ़ का पानी घटने का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ से करीब 100 बीघा धान और मक्का की फसल जलमग्न हैं। लेखपाल ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करके फसलों का सर्वे किया है।
गंगा और कल्याणी नदी परस्पर मिल जाने से कल्याणी में उफान आ गया था। इससे गंजमुरादाबाद क्षेत्र के लोनारी, कुशराजपुर, बाजीपुरवा, भिलोई, छोट्टापुरवा, देवरिया, तकिया, कछियनपुरवा, सहित कुल 12 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। दो दिनों से बाढ़ का पानी न बढ़ रहा है और न घट रहा है, पानी स्थिर है। इन गांवों की करीब 50 हजार की आबादी पानी सिमटने की प्रतीक्षा कर रही है। क्षेत्रीय लेखपाल अभिषेक ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर करीब 100 बीघा भूमि की धान और मक्का की फसलें जलमग्न होने की रिपोर्ट तैयार की है।
लोनारी स्थित कंपोजिट विद्यालय पिछले पांच दिनों से बाढ़ का पानी भरा होने से बंद है। यहां बच्चों की पढ़ाई बाधित है। वहीं छोट्टापुरवा बस्ती की गलियों व मुख्य मार्ग पर घुटनों तक पानी भरा है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। उधर पानी घटने की संभावना पर जानवरों और आम लोगों में संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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बाढ़ पर प्रशासन की नजर
बीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कल्याणी नदी के बाढ़ का पानी दो दिनों से स्थिर बना हुआ है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की चिंता कम हो गई है। धीरे-धीरे बाढ़ का पानी घटना शुरू हो जाएगा। लेकिन फिर भी प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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गंगा और कल्याणी नदी परस्पर मिल जाने से कल्याणी में उफान आ गया था। इससे गंजमुरादाबाद क्षेत्र के लोनारी, कुशराजपुर, बाजीपुरवा, भिलोई, छोट्टापुरवा, देवरिया, तकिया, कछियनपुरवा, सहित कुल 12 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। दो दिनों से बाढ़ का पानी न बढ़ रहा है और न घट रहा है, पानी स्थिर है। इन गांवों की करीब 50 हजार की आबादी पानी सिमटने की प्रतीक्षा कर रही है। क्षेत्रीय लेखपाल अभिषेक ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर करीब 100 बीघा भूमि की धान और मक्का की फसलें जलमग्न होने की रिपोर्ट तैयार की है।
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लोनारी स्थित कंपोजिट विद्यालय पिछले पांच दिनों से बाढ़ का पानी भरा होने से बंद है। यहां बच्चों की पढ़ाई बाधित है। वहीं छोट्टापुरवा बस्ती की गलियों व मुख्य मार्ग पर घुटनों तक पानी भरा है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। उधर पानी घटने की संभावना पर जानवरों और आम लोगों में संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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बाढ़ पर प्रशासन की नजर
बीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कल्याणी नदी के बाढ़ का पानी दो दिनों से स्थिर बना हुआ है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की चिंता कम हो गई है। धीरे-धीरे बाढ़ का पानी घटना शुरू हो जाएगा। लेकिन फिर भी प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।