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Unnao News: न मरम्मत कराई और न ही दिया बजट, तीन लाख लोग परेशान
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भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त सफीपुर-बारीथाना मार्ग। संवाद
- फोटो : ARchive
उन्नाव। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में मिट्टी भरान और निर्माण सामग्री की ढुलाई में लगे ट्रकों और डंपरों की आवाजाही से खराब हुईं 105 सड़कों की यूपीडा ने मरम्मत नहीं कराई। करीब तीन लाख आबादी खस्ताहाल सड़कों से आवागमन कर रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च आ रहा है। पीडब्ल्यूडी ने डेढ़ साल में पांच बार बजट मांगा लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। अब पीडब्ल्यूडी ने विशेष मरम्मत कार्य में शामिल करते हुए शासन से बजट की मांग की है।
जिले की छह तहसीलों के 76 गांव से गंगा एक्सप्रेसवे निकला है। इसके निर्माण में मिट्टी भरान के लिए डंपरों के माध्यम से नजदीकी गांवों से मिट्टी की ढुलाई, निर्माण सामग्री लदे ट्रक-डंपरों और भारी-भरकम मशीनों की आवाजाही से तीन साल में एक्सप्रेसवे के आसपास क्षेत्र की 105 सड़कें दम तोड़ गईं। सर्वे रिपोर्ट में यह बात सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी ने 50 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के लिए यूपीडा से बार-बार बजट मांगा लेकिन अबतक नहीं मिल पाया।
केस-1
फोटो-34-भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त सफीपुर-बारीथाना मार्ग। संवाद
सफीपुर-बारीथाना मार्ग पर दो साल से गड्ढे ही गड्ढे
सफीपुर। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से 10 किमी लंबा सफीपुर-बारीथाना मार्ग दो साल से गड्ढों में तब्दील है। करीब 12 गांवों की 30 हजार आबादी का बांगरमऊ-लखनऊ मार्ग के लिए आवागमन में करीब एक घंटा लगता है। पीखी, अटवा मोहाल ओसिया, रहीमाबाद, नैनी खेड़ा और मद्दू खेड़ा जैसे गांव प्रभावित हैं। बैंक, तहसील, कोतवाली और ब्लॉक जाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है। छात्रों के आवागमन में भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ओसिया निवासी विनीत तिवारी, राजीवन आदि ने बताया कि लखनऊ जाने के लिए चार पहिया वाहन सफीपुर-मियागंज मार्ग से सात किमी चक्कर लगाकर जाते हैं।
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केस-दो
फोटो-35-डंपरों की आवाजाही से जर्जर माखी-बिरसिंहपुर मार्ग। संवाद
जर्जर हुईं सड़कें, राहगीर परेशान
चकलवंशी। गंगा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 400 के पास सामग्री गोदाम बनाया गया है। बिठूर-संडीला मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों डंपरों से निर्माण सामग्री भेजी जाती थी। इससे यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है, जिससे लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। एक माह पहले गड्ढे भरने की औपचारिकता हुई थी पर बरसात में गिट्टी उखड़ गई। इसी तरह, किलोमीटर 407 के पास माखी-बिरसिंहपुर मार्ग से भी सामग्री ढोई गई। यह मार्ग भी खस्ताहाल है। इसकी वजह से माखी सीएचसी तक पहुंचना भी मुश्किल होता है। इस मार्ग से करीब पचास हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन...
जिले के अधिकारियों के साथ बैठक में इस समस्या पर भी विस्तार से चर्चा और संबंधित विभागों से जवाब तलब करेंगे। क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार के लिए बजट की व्यवस्था कराई जाएगी और जल्द से जल्द निर्माण पूरा कराया जाएगा। -साक्षी महाराज, सांसद
यूपीडा को क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची कई बार भेजी गई, लेकिन लगातार टाल-मटोल हो रही है। बारिश के बाद समस्या और बढ़ गई है। इसे देखते हुए विशेष मरम्मत वाली सड़कों में शामिल करते हुए शासन को डीपीआर भेजा गया है। इन सड़कों को बनाने पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी।-हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
अन्य प्रमुख क्षतिग्रस्त मार्ग
- ब्लाॅक गंजमुरादाबाद में रानीपुर ग्रांट से चकहनुमान संपर्क मार्ग।
- बांगरमऊ-संडीला मार्ग के किमी 28 से कैनाल पटरी से दशगवां वाया महोलिया हरईपुर संपर्क मार्ग।
- पंचमखेड़ा से महोलिया संपर्क मार्ग।
- अशायस व धानीखेड़ा संपर्क मार्ग।
- नौसहरा मार्ग के किमी तीन से तमोरिया खुर्द संपर्क मार्ग।
- ब्लाॅक सफीपुर का मियागंज मार्ग से सिद्धनाथ बस्ती संपर्क मार्ग।
- लहबरपुर संपर्क मार्ग।
- मवई लाल वाया उदशाह संपर्क मार्ग।
- पुरवा बीघापुर से अटवट संपर्क मार्ग।
- बीघापुर कटाव संपर्क मार्ग।
- गढ़ाकोला चमियानी मार्ग।
- सोनिक से पिपरोसा वाया शहजादपुर मार्ग।
- बिछिया के सागरदेव बाबा मंदिर से गंगाखेड़ा संपर्क मार्ग।
- कानपुर-लखनऊ हाईवे से अलगनगढ़ वाया जमुनिया रेलवे क्रासिंग संपर्क मार्ग।
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जिले की छह तहसीलों के 76 गांव से गंगा एक्सप्रेसवे निकला है। इसके निर्माण में मिट्टी भरान के लिए डंपरों के माध्यम से नजदीकी गांवों से मिट्टी की ढुलाई, निर्माण सामग्री लदे ट्रक-डंपरों और भारी-भरकम मशीनों की आवाजाही से तीन साल में एक्सप्रेसवे के आसपास क्षेत्र की 105 सड़कें दम तोड़ गईं। सर्वे रिपोर्ट में यह बात सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी ने 50 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के लिए यूपीडा से बार-बार बजट मांगा लेकिन अबतक नहीं मिल पाया।
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केस-1
फोटो-34-भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त सफीपुर-बारीथाना मार्ग। संवाद
सफीपुर-बारीथाना मार्ग पर दो साल से गड्ढे ही गड्ढे
सफीपुर। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से 10 किमी लंबा सफीपुर-बारीथाना मार्ग दो साल से गड्ढों में तब्दील है। करीब 12 गांवों की 30 हजार आबादी का बांगरमऊ-लखनऊ मार्ग के लिए आवागमन में करीब एक घंटा लगता है। पीखी, अटवा मोहाल ओसिया, रहीमाबाद, नैनी खेड़ा और मद्दू खेड़ा जैसे गांव प्रभावित हैं। बैंक, तहसील, कोतवाली और ब्लॉक जाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है। छात्रों के आवागमन में भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ओसिया निवासी विनीत तिवारी, राजीवन आदि ने बताया कि लखनऊ जाने के लिए चार पहिया वाहन सफीपुर-मियागंज मार्ग से सात किमी चक्कर लगाकर जाते हैं।
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केस-दो
फोटो-35-डंपरों की आवाजाही से जर्जर माखी-बिरसिंहपुर मार्ग। संवाद
जर्जर हुईं सड़कें, राहगीर परेशान
चकलवंशी। गंगा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 400 के पास सामग्री गोदाम बनाया गया है। बिठूर-संडीला मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों डंपरों से निर्माण सामग्री भेजी जाती थी। इससे यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है, जिससे लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। एक माह पहले गड्ढे भरने की औपचारिकता हुई थी पर बरसात में गिट्टी उखड़ गई। इसी तरह, किलोमीटर 407 के पास माखी-बिरसिंहपुर मार्ग से भी सामग्री ढोई गई। यह मार्ग भी खस्ताहाल है। इसकी वजह से माखी सीएचसी तक पहुंचना भी मुश्किल होता है। इस मार्ग से करीब पचास हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन...
जिले के अधिकारियों के साथ बैठक में इस समस्या पर भी विस्तार से चर्चा और संबंधित विभागों से जवाब तलब करेंगे। क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार के लिए बजट की व्यवस्था कराई जाएगी और जल्द से जल्द निर्माण पूरा कराया जाएगा। -साक्षी महाराज, सांसद
यूपीडा को क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची कई बार भेजी गई, लेकिन लगातार टाल-मटोल हो रही है। बारिश के बाद समस्या और बढ़ गई है। इसे देखते हुए विशेष मरम्मत वाली सड़कों में शामिल करते हुए शासन को डीपीआर भेजा गया है। इन सड़कों को बनाने पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी।-हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
अन्य प्रमुख क्षतिग्रस्त मार्ग
- ब्लाॅक गंजमुरादाबाद में रानीपुर ग्रांट से चकहनुमान संपर्क मार्ग।
- बांगरमऊ-संडीला मार्ग के किमी 28 से कैनाल पटरी से दशगवां वाया महोलिया हरईपुर संपर्क मार्ग।
- पंचमखेड़ा से महोलिया संपर्क मार्ग।
- अशायस व धानीखेड़ा संपर्क मार्ग।
- नौसहरा मार्ग के किमी तीन से तमोरिया खुर्द संपर्क मार्ग।
- ब्लाॅक सफीपुर का मियागंज मार्ग से सिद्धनाथ बस्ती संपर्क मार्ग।
- लहबरपुर संपर्क मार्ग।
- मवई लाल वाया उदशाह संपर्क मार्ग।
- पुरवा बीघापुर से अटवट संपर्क मार्ग।
- बीघापुर कटाव संपर्क मार्ग।
- गढ़ाकोला चमियानी मार्ग।
- सोनिक से पिपरोसा वाया शहजादपुर मार्ग।
- बिछिया के सागरदेव बाबा मंदिर से गंगाखेड़ा संपर्क मार्ग।
- कानपुर-लखनऊ हाईवे से अलगनगढ़ वाया जमुनिया रेलवे क्रासिंग संपर्क मार्ग।

भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त सफीपुर-बारीथाना मार्ग। संवाद- फोटो : ARchive