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उन्नाव: प्रदूषण फैलाने वाली दो मिलों कार्रवाई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगाया 2.80 करोड़ जुर्माना
Sun, 28 Nov 2021 06:31 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 28 Nov 2021 06:31 PM IST
सार
प्रदूषण और दुर्गंध की शिकायतों पर 17 नवंबर को डीएम रवींद्र कुमार के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट विजेता ने टीम बनाकर दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों की जांच कराई थी।
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प्रदूषण फैलाने पर जुर्माना
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उन्नाव में दस दिन पहले हुई जांच में अनियमितताएं मिलने और प्रदूषण फैलाने में बंद कराई गईं दो हड्डी मिलों पर शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2.80 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं दो फैक्टरियों में गंदगी मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि कार्रवाई की सूचना मुख्यालय भेज दी गई है। प्रदूषण और दुर्गंध की शिकायतों पर 17 नवंबर को डीएम रवींद्र कुमार के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट विजेता ने टीम बनाकर दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों की जांच कराई थी।
साइट दो स्थित मैसर्स यश जिलेटिन एंड बोन मिल और भारत बोन कशिंग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिली थीं। जानवरों की हड्डियां खुले में रखी गई थीं, जिससे दुर्गंध फैल रही थी। डीएम के आदेश पर दोनों मिलों को बंद करा दिया गया था।
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भारत बोन के पास दिसंबर 2019 तक की अनुमति के बाद 548 दिन संचालन पाने पर 54 लाख 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं, यश जिलेटिन एंड बोन मिल के संचालक अनुमति नहीं दिखा पाए।
इस पर पांच साल के 1498 दिन (कार्य दिवस) के सापेक्ष एक करोड़ 49 लाख 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। उधर, दो हड्डी मिलों में गंदगी मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि जल्द ही जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि कार्रवाई की सूचना मुख्यालय भेज दी गई है। प्रदूषण और दुर्गंध की शिकायतों पर 17 नवंबर को डीएम रवींद्र कुमार के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट विजेता ने टीम बनाकर दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों की जांच कराई थी।
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साइट दो स्थित मैसर्स यश जिलेटिन एंड बोन मिल और भारत बोन कशिंग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिली थीं। जानवरों की हड्डियां खुले में रखी गई थीं, जिससे दुर्गंध फैल रही थी। डीएम के आदेश पर दोनों मिलों को बंद करा दिया गया था।
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भारत बोन के पास दिसंबर 2019 तक की अनुमति के बाद 548 दिन संचालन पाने पर 54 लाख 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं, यश जिलेटिन एंड बोन मिल के संचालक अनुमति नहीं दिखा पाए।
इस पर पांच साल के 1498 दिन (कार्य दिवस) के सापेक्ष एक करोड़ 49 लाख 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। उधर, दो हड्डी मिलों में गंदगी मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि जल्द ही जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जाएगी।