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कैंप में जांच के दौरान टीबी के मिले दो मरीज
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मियागंज ब्लाक के गांव आसीवन में टीबी की जांच करने पहुंची वैन के पास खड़े ग्रामीण।
- फोटो : UNNAO
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चकलवंशी(उन्नाव)। मियागंज ब्लॉक के गांव आसीवन में कैंप लगाकर ग्रामीणों में टीबी की जांच की गई। जिसमें लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। इनका इलाज शनिवार से शुरू किया जाएगा।
एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह की नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम आसीवन गांव पहुंची। यहां मियागंज सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुुमार वर्मा व मेडिकल इंचार्ज डॉ. नीरज शुक्ला ने कैंप में आए ग्रामीणों का चेकअप किया। यहां टीबी के 12 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई। जिसमें 2 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। शनिवार से इनका इलाज शुरू किया जाएगा।
एसडीएम डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि भारत सरकार की अति महत्वपूर्ण रिवाज्ड नेशनल ट्यूबरक्यूलोसिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से टीबी के खात्मा का लक्ष्य वर्ष 2025 निर्धारित किया है। जिसके तहत प्रदेश सरकार मेडिकल मोबाइल वैन चला रही है। वैन में चल रही टीम गांव-गांव जाकर टीबी के संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही है। टीबी की पुष्टि होने पर 48 घंटे के अंदर मरीज का इलाज शुरू किया जा रहा है। इलाज चलने तक मरीज को प्रत्येक महीने पोषण के लिए 500 रुपये भी सरकार दे रही है। यहां विनोद कुमार यादव, जिला कार्यक्रम समन्वयक रामप्रकाश यादव, वरिष्ठ क्षयरोग पर्यवेक्षक प्रदीप दिवाकर, प्रयोगशाला पर्यवेक्षक अजीत कुमार, विवेक कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह की नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम आसीवन गांव पहुंची। यहां मियागंज सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुुमार वर्मा व मेडिकल इंचार्ज डॉ. नीरज शुक्ला ने कैंप में आए ग्रामीणों का चेकअप किया। यहां टीबी के 12 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई। जिसमें 2 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। शनिवार से इनका इलाज शुरू किया जाएगा।
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एसडीएम डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि भारत सरकार की अति महत्वपूर्ण रिवाज्ड नेशनल ट्यूबरक्यूलोसिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से टीबी के खात्मा का लक्ष्य वर्ष 2025 निर्धारित किया है। जिसके तहत प्रदेश सरकार मेडिकल मोबाइल वैन चला रही है। वैन में चल रही टीम गांव-गांव जाकर टीबी के संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही है। टीबी की पुष्टि होने पर 48 घंटे के अंदर मरीज का इलाज शुरू किया जा रहा है। इलाज चलने तक मरीज को प्रत्येक महीने पोषण के लिए 500 रुपये भी सरकार दे रही है। यहां विनोद कुमार यादव, जिला कार्यक्रम समन्वयक रामप्रकाश यादव, वरिष्ठ क्षयरोग पर्यवेक्षक प्रदीप दिवाकर, प्रयोगशाला पर्यवेक्षक अजीत कुमार, विवेक कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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