{"_id":"6813be6c44a05c047d006228","slug":"the-youth-attempted-suicide-is-in-serious-condition-unnao-news-c-221-1-sknp1055-130379-2025-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: प्रधान ने हड़पी मजदूरों की मजदूरी, अधिकार सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: प्रधान ने हड़पी मजदूरों की मजदूरी, अधिकार सीज
विज्ञापन
उन्नाव। सफीपुर की ग्राम पंचायत ओसिया के प्रधान ने मजदूरों की 1.27 लाख की मजदूरी अपने व रिश्तेदारों के खातों में ले ली। नियमानुसार मजदूरी मजदूरों के ही खाते में जानी चाहिए। इसके अलावा गांव में अन्य कार्यों में निर्माण सामग्री में ज्यादा का भुगतान कर दिया। ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध 1.89 लाख का भुगतान मिलने पर डीएम ने प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं।
ओसिया ग्राम पंचायत के शिवप्रताप सिंह ने डीएम को शिकायतीपत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया था कि गांव में विकास कार्यों के नाम पर काफी गड़बड़ी की गई है। प्रधान ने मजदूरों में खुद और रिश्तेदारों का खाता लगाकर उनकी मजदूरी हड़प ली। डीएम ने इसकी जांच जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को सौंपी थी। डीडीओ ने गांव में जाकर जांच की थी। इसके बाद जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी थी।
रिपोर्ट में बताया कि गांव के इंदल के घर से शिवबक्श के घर तक इंटरलॉकिंग सहित अन्य कार्यों में 1.27 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान प्रधान ने स्वयं व रिश्तेदारों के खातों में ले लिया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय और पानी की टंकी के चारों ओर बैरिकेडिंग व मोटर मरम्मत के नाम पर तय हुई कार्ययोजना से ज्यादा का भुगतान कर दिया।
विज्ञापन
डीडीओ ने मजदूरी व निर्माण सामग्री में कुल 1.89 लाख के नियम विरुद्ध व ज्यादा भुगतान में प्रधान व सचिव को दोषी पाते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी। डीएम गौरांग राठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान प्रशांत कुमार के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। साथ ही पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए।
--
पंचायत निधि से कराए गए प्रमुख कार्यों में मजदूरी का नियम विपरीत भुगतान
- पानी की टंकी के रखरखाव-3876 रुपये।
- प्रावि नैनीखेड़ा में इंटरलॉकिंग-26,676 रुपये।
- राजेश लोधी के घर से नफीस के घर तक इंटरलॉकिंग-22,908 रुपये।
- राजकुमार के घर से संतोष के घर तक इंटरलॉकिंग-18,496 रुपये।
-रतनू के घर से रामदास के घर तक इंटरलॉकिंग-28,699 रुपये।
-इंदल के घर से शिवबक्श के घर तक इंटरलॉकिंग-26,505 रुपये।
विज्ञापन
ओसिया ग्राम पंचायत के शिवप्रताप सिंह ने डीएम को शिकायतीपत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया था कि गांव में विकास कार्यों के नाम पर काफी गड़बड़ी की गई है। प्रधान ने मजदूरों में खुद और रिश्तेदारों का खाता लगाकर उनकी मजदूरी हड़प ली। डीएम ने इसकी जांच जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को सौंपी थी। डीडीओ ने गांव में जाकर जांच की थी। इसके बाद जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी थी।
विज्ञापन
रिपोर्ट में बताया कि गांव के इंदल के घर से शिवबक्श के घर तक इंटरलॉकिंग सहित अन्य कार्यों में 1.27 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान प्रधान ने स्वयं व रिश्तेदारों के खातों में ले लिया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय और पानी की टंकी के चारों ओर बैरिकेडिंग व मोटर मरम्मत के नाम पर तय हुई कार्ययोजना से ज्यादा का भुगतान कर दिया।
विज्ञापन
डीडीओ ने मजदूरी व निर्माण सामग्री में कुल 1.89 लाख के नियम विरुद्ध व ज्यादा भुगतान में प्रधान व सचिव को दोषी पाते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी। डीएम गौरांग राठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान प्रशांत कुमार के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। साथ ही पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए।
पंचायत निधि से कराए गए प्रमुख कार्यों में मजदूरी का नियम विपरीत भुगतान
- पानी की टंकी के रखरखाव-3876 रुपये।
- प्रावि नैनीखेड़ा में इंटरलॉकिंग-26,676 रुपये।
- राजेश लोधी के घर से नफीस के घर तक इंटरलॉकिंग-22,908 रुपये।
- राजकुमार के घर से संतोष के घर तक इंटरलॉकिंग-18,496 रुपये।
-रतनू के घर से रामदास के घर तक इंटरलॉकिंग-28,699 रुपये।
-इंदल के घर से शिवबक्श के घर तक इंटरलॉकिंग-26,505 रुपये।