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शिक्षकों ने डीआईओएस कार्यालय में किया अनशन
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डीआईओएस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। मृतक आश्रित नियुक्ति व बकाया वेतन भुगतान को लेकर उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियाें ने जिलाध्यक्ष देवस्वरूप त्रिवेदी के नेतृत्व में डीआईओएस कार्यालय के बाहर अनशन किया। अनशन पर बैठे शिक्षकों से डीआईओएस ने वार्ता की और लंबित प्रकरणों के निस्तारण के तत्काल आदेश जारी कर दिए। इससे अनशन समाप्त कर दिया गया।
अनशन पर बैठे जिलाध्यक्ष देवस्वरूप त्रिवेदी ने कहा कि पंडित देवकृष्ण इंटर कॉलेज सगवर के शिक्षक राजीव व शालिनी मिश्रा को पिछले दस महीने से वेतन नहीं दिया गया था। उच्च न्यायालय में भी तदर्थ शिक्षकों के मामले में दिए गए निर्णय में कहा गया है कि तदर्थ शिक्षक शिक्षण कार्य जारी रखेंगे सरकार संस्थाओं को अनुदान देती रहेगी। उसके बाद भी ऐसा नहीं हुआ। मृतक आश्रित नियुक्ति व अवशेष देयकों सहित अन्य मुद्दे कार्यालय में लंबित पड़े हुए थे।
जिलामंत्री रमेश कुमार गौतम ने कहा कि कार्यालय के बाबुओं के पास फाइलें पड़ी रहती हैं। लेकिन वह सुनवाई नहीं करते। इससे शिक्षकों के मामले सालों लंबित पड़े रहते हैं और उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। अनशन में पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने पदाधिकारियों से तत्काल समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। तब जाकर अनशन समाप्त हुआ। इस दौरान कमलेशनाथ अवस्थी, वीरेंद्र विक्रम सिंह, अजय सिंह, कनक शुक्ला, उमेश श्रीवास्तव, पवन त्रिवेदी, राघवेंद्र सिंह, नीरज तिवारी भी शामिल रहे।
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अनशन पर बैठे जिलाध्यक्ष देवस्वरूप त्रिवेदी ने कहा कि पंडित देवकृष्ण इंटर कॉलेज सगवर के शिक्षक राजीव व शालिनी मिश्रा को पिछले दस महीने से वेतन नहीं दिया गया था। उच्च न्यायालय में भी तदर्थ शिक्षकों के मामले में दिए गए निर्णय में कहा गया है कि तदर्थ शिक्षक शिक्षण कार्य जारी रखेंगे सरकार संस्थाओं को अनुदान देती रहेगी। उसके बाद भी ऐसा नहीं हुआ। मृतक आश्रित नियुक्ति व अवशेष देयकों सहित अन्य मुद्दे कार्यालय में लंबित पड़े हुए थे।
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जिलामंत्री रमेश कुमार गौतम ने कहा कि कार्यालय के बाबुओं के पास फाइलें पड़ी रहती हैं। लेकिन वह सुनवाई नहीं करते। इससे शिक्षकों के मामले सालों लंबित पड़े रहते हैं और उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। अनशन में पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने पदाधिकारियों से तत्काल समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। तब जाकर अनशन समाप्त हुआ। इस दौरान कमलेशनाथ अवस्थी, वीरेंद्र विक्रम सिंह, अजय सिंह, कनक शुक्ला, उमेश श्रीवास्तव, पवन त्रिवेदी, राघवेंद्र सिंह, नीरज तिवारी भी शामिल रहे।
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