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भूमाफिया के लिए सोना बन बई रेतीली भूमि

Thu, 07 Apr 2022 12:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2022 12:45 AM IST
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land becomes gold for bhoo mafiya
शुक्लागंज के आसपास तेजी से हो रही प्लॉटिंग। संवाद - फोटो : UNNAO
उन्नाव। महानगर कानपुर और उन्नाव के बीच स्थित सदर तहसील के गंगाघाट (शुक्लागंज) क्षेत्र के विकास में हाल के 15 वर्षों में तेजी आई है। लखनऊ-कानपुर हाईवे और गंगा बैराज मार्ग से नजदीकी के कारण इस क्षेत्र की रेतीली भूमि ‘सोना’ हो गई। जमीन की बढ़ी मांग भूमाफिया के लिए वरदान बन गई। विकासशील क्षेत्र में व्यवसायिक और आवासीय जरूरतों के लिए प्लॉटों की मांग बेतहाशा बढ़ी। भूमाफिया ने अवैध तरीके से जमीनें खरीदनी और कब्जानी शुरू कर दीं। देखते ही देखते करोड़पति हुए गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के 16 में से 10 भूमाफिया कानपुर के रहने वाले हैं। इनमें कई बड़े रसूखदार भी हैं। बीरबल गुजराती के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई कर मंगलवार को 4.27 करोड़ की अचल संपत्ति कुर्क की तो अन्य में हड़कंप मच गया है।
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शुक्लागंज थानाक्षेत्र में 1994 में गंगा बैराज, 2009 में ट्रांसगंगा सिटी, आजाद मार्ग का चौड़ीकरण, 2016 में उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग का चौड़ीकरण, ट्रांसगंगा सिटी में सेज (स्पेशल इकोनॉमिक जोन) और आवासीय योजनाओं पर काम शुरू होने के बाद माटी मोल बिकने वाली गंगा तराई क्षेत्र की जमीनों की कीमतें बढ़ती गईं। कानपुर, लखनऊ और हरदोई सहित अन्य जिलों के लोगों में गंगा बैराज, लखनऊ-कानपुर हाईवे, उन्नाव शुक्लागंज रोड के आसपास जमीन खरीदने की होड़ मच गई।
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2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमाफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया। उन्हें चिह्नित कर संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू हुई। एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि कई बड़े भूमाफिया रडार पर हैं। सभी सीओ और कोतवाली प्रभारियों से निष्पक्ष कार्रवाई के लिए कहा गया है।
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प्रशासन की लिस्ट में दर्ज भूमाफिया
डॉ. नसीम अहमद केडीए कालोनी जाजमऊ कानपुर, दिलशाद श्याम नगर कानपुर, वीरेंद्र चतुर्वेदी अहमद नगर शुक्लागंज, मो. सलीम गदियाना रामादेवी कानपुर, दिव्या अवस्थी शक्तीनगर शुक्लागंज, तैय्यब कुरैशी यतीमखाना कानपुर, नैकानीलाल नया खेड़ा शुक्लागंज, नौशाद लारी, जाजमऊ कानपुर, जगदीश कुमार सनिगंवा कानपुर, रिजवान सोलंकी जाजमऊ कानपुर, जियालाल सुखलाल खेड़ा शुक्लागंज, बाबूराम बालभद्रखेड़ा शुक्लागंज, डा. सारिक केडीए कानपुर, महफूज जाजमऊ कानपुर, श्रीपाल आजाद नगर शुक्लागंज, राजकुमार, लक्ष्मीकांत सफीपुर, ओमप्रकाश असोहा, राजेश मंगतखेड़ा पुरवा उन्नाव, रामू माखी, सुनील चकेरी कानपुर और रनवीर सिंह बिहार उन्नाव शामिल हैं।
कन्हैया की कुर्क हुई थी 14 करोड़ की संपत्ति
शुक्लागंज के रामनगर पोनी रोड निवासी कन्हैया अवस्थी, उनकी पत्नी दिव्या अवस्थी और भाई राघवेंद्र अवस्थी का नाम भी भूमाफिया की लिस्ट में आया तो प्रशासन ने सख्ती की।
जमीन के अवैध कारोबार का खुलासा करने पर 19 जून 2020 को शुक्लागंज निवासी पत्रकार शुभम त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में लेडी डॉन के नाम से मशहूर दिव्या और उनके पति कन्हैया अऔर राघवेंद्र को पुलिस ने 30 जून 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद गैंगस्टर भी लगाया गया और 17 दिसंबर 2020 को तीनों की 14 करोड़, 85 लाख 79 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी।
बीरबल ने संपत्ति पर लिया है 20 करोड़ का लोन
शातिर बीरबल गुजराती ने अवैध रूप से बनाई गई संपत्ति पर बैंकों से लोन ले लिया है। सूत्रों के अनुसार उस पर उन्नाव और कानपुर की अलग-अलग बैंकों का करीब 20 करोड़ रुपये ऋण है। इस पर दो माह पहले यूको बैंक सहित अन्य बैंकों ने संपत्ति बिक्री पर रोक लगाने के लिए संपत्ति बैंक में बंधक होने की नोटिस भी चस्पा की थी।
पुलिस को चकमा दे न्यायालय में किया था समर्पण
गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध बीरबल को पुलिस काफी दिनों से तलाश कर रही थी। लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस ने शिकंजा कसा तो उसने 21 अक्तूबर 2021 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। हालांकि डेढ़ महीने बाद ही वह जमानत पर बाहर आ गया था। उस पर 10 से ज्यादा गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
गुजरात से आकर बसा था परिवार
बीरबल गुजराती के पिता गंगाराम गुजरात में किराना का काम करते थे। इसके बाद कानपुर में कपड़े के व्यापार के सिलसिले में 1972 में यहां आए। कानपुर से नजदीक होने के कारण शुक्लागंज के चंपापुरवा में मकान बनाया। गुजरात के मूल निवासी होने से नाम के आगे गुजराती लिखने लगे। बीरबल गंगा रेती पर कब्जा कर उसे ठेके पर उठाता था। इसके बाद जमीन के कारोबार में आ गया।

सपा से रही नजदीकी
बीरबल गुजराती की सपा नेताओं से काफी नजदीकियां रही हैं। सोशल मीडिया पर वह अक्सर सपा के बड़े नेताओं के साथ खींचे गए फोटो शेयर करता था। विधानसभा चुनाव में सपा के पक्ष में खुलकर प्रचार भी किया था। मंगलवार को हुई कुर्की की कार्रवाई के पीछे लोग इसे भी वजह मान रहे हैं।
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