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Unnao News: बाढ़ से घिरे गांवों में नहीं पहुंच रही मदद

Sat, 13 Sep 2025 12:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:48 AM IST
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Help is not reaching the villages surrounded by floods
फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद
परियर (उन्नवाव)। जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण करने के लिए गुरुवार को आईं मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब से परियर जानकीकुंड शिविर में बाढ़ पीड़ितों ने केवल चार पूड़ी मिलने, शौचालय बंद होने की शिकायत की थी। वहीं कोलवा-बहरौला मार्ग पर तिरपाल डालकर रह रहे लोगों ने नाव और भोजन न मिलने की बात बताई थी। इस पर मंडलायुक्त ने अफसरों को सुधार की हिदायत दी थी। इसके बाद कुछ स्थानों पर तो सुधार हुआ, कुछ स्थानों पर हालात जस के तस हैं।
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बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचीं मंडलायुक्त ने सदर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कोलवा, टपरा, बेनीपुरवा व महानंद पुरवा के ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं पूछने के साथ ही बाढ़ राहत शिविर जानकीकुंड में ग्रामीणों से मुलाकात की थी। लोगों ने प्रति व्यक्ति चार पूड़ियां मिलने की बात कहते हुए, सवालिया लहजे में कहा था कि चार पूड़ी में कहीं पेट भरता है।
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कमिश्नर ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे और रसोईया को बदलने को कहा था। शुक्रवार को जानकीकुंड राहत शिविर में भोजन देने में अनियमितता पर रसोईया अनिल को बदल दिया गया। साथ ही खाने में चार पूड़ी के स्थान पर बड़ों से लेकर बच्चों तक आठ पूड़ी और सब्जी लंच में दी गई। यहां के प्राथमिक विद्यालय में बंद ताले भी अधिकारियों ने खुलवा दिए है। बच्चों को पास के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने भेजा गया।
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वहीं कोलवा-बहरौला मार्ग पर तिरपाल डाल कर दिन काट रहे टपरा, महानंद पुरवा, बेनी पुरवा आदि गांवों के लोगों ने बताया कि लगभग चार सौ लोगों के बीच महज एक नाव लगी है। भोजन शुक्रवार को भी नहीं पहुंचा।
एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि कोलवा मार्ग पर रह रहे लोगों को लिए चार नाव पहले से लगी हैं। जब शिकायत की थी तब तुरंत जांच कराई गई थी और वीडियो भी बनवाए गए। ग्रामीणों से कहा गया है कि अगर उन्हें और आवश्यकता है तो बताएं एक और नाव लगा दी जाएगी। यहां रह रहे लोगों को लंच पहुंचाया गया है। राशन किट भी पहले ही दी चुकी है। खत्म होने पर और दी जाएंगी। खाद्यान्न वितरण भी किया जा चुका है।
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कमिश्नर के जाते ही गायब हुए कैंप
गुरुवार को मंडलायुक्त के आने से ठीक पहले बिजली, स्वास्थ्य व पशु चिकित्सा विभाग के कैंप लगे थे। जिनमें विभागों के जिम्मेदार भी जरूरी साजो-सामान के साथ डटे थे। हालांकि कमिश्नर के जाते ही ये कैंप गायब हो गए।

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बाढ़ राहत केंद्र में लगा जनरेटर
अचलगंज। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजीव वर्मा ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित मौकुवा खेड़ा में 140 परिवार को लांच पैकेट व अन्य सामग्री बांटी। साथ ही बिजली आपूर्ति बंद होने के चलते नगर पंचायत से जनरेटर लगवा कर गलियों व घरों के बाहर रोशनी की व्यवस्था की।
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विधायक व पूर्व सांसद ने बांटी राहत सामग्री
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक के फत्तेखेड़ा गांव में बाढ़ पीड़ितों की समस्या सुनी साथ ही राहत सामग्री बांटी। उन्होंने ग्रामीणों को हर संभव मदद के लिए आश्वस्त किया। वहीं, पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने शुक्लागंज क्षेत्र के गोताखोर, चंपापुरवा में बाढ़ पीड़ितो को भोजन वितरण कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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फोटो-29-सनहा-गहोली मार्ग पर खतरा मोल लेकर पानी से गुजरते ग्रामीण

फोटो-30-उडंक पुरवा की ओर नाव पर सवार होकर जाते ग्रामीण




बाढ़ से घिरे गांव में रह रहे लोगों तक नहीं पहुंच रही मदद

-गृहस्थी बचाने के लिए बड़ी संख्या में गांवों में डटे हैं लोग

-सड़क किनारे डेरा जमाए लोगों तक ही पहुंच रही मदद

सफीपुर। गंगा व कल्याणी उफनाने से करीब एक हजार बीघा से अधिक फसल नष्ट होने के अलावा कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। कुछ लोग गांव में तो कुछ सुरक्षित स्थानों पर डेरा डाले हैं। इन लोगों को नाममात्र की सरकारी मदद मिल रही है। इस पर गुरुवार को निरीक्षण करने आईं मंडलायुक्त ने फटकार भी लगाई थी। इसके बाद भी मदद नहीं मिल रही है।

बाढ़ का पानी गांव में पहुंचने पर लोग गृहस्थी समेटकर पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों डेरा जमाए हैं। राजस्व विभाग की टीमों के अलावा विधायक बम्बा लाल दिवाकर, पूर्व मंत्री सुधीर रावत समेत कई समाज सेवी सड़क किनारे रह रहे लोगों को खाना व अन्य सामग्री पहुंचा रहे हैं।

वहीं, क्षेत्र के रामपुर, शेरपुर, मनियापुर, उडंकपुरवा, हमजापुर, नीबीगड़ा, करीमाबाद आदि कई गांवों के लोगों ने बताया कि बाढ़ के पानी से घरों के कई सदस्य अभी तक घरों में ही बने है। तकरीबन एक माह का समय बीतने के चलते उनके पास रहा राशन भी खत्म हो चुका है। ऐसे जरूरतमंदों तक न तो सरकारी मदद पहुंच पा रही है ना ही कोई निजी संस्था उनकी मददगार बन रही है। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि सभी परिवारों को राशन किट पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद

फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद

फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद

फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद

फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद

फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद

फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद

फोटो-26-बहरौला के टपरा में मदद के इंतजार में मायूस बैठे बाढ़ पीड़ित। स्रोत: संवाद

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