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Unnao News: डंपर और डीसीएम की भिड़ंत में लगी आग, दोनों के चालक व एक खलासी जिंदा जला
Thu, 21 Aug 2025 01:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:45 AM IST
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फोटो नंबर 10-हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद में हादसे में जला डंपर व डीसीएम । संवाद
गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद कस्बे के मुरे कंपनी मोड़ के पास बुधवार सुबह तीन बजे केमिकल के ड्रम लदे डीसीएम और डंपर की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। दोनों वाहनों के चालक और डंपर का क्लीनर वाहनों के केबिन में फंस गए, लोग पहुंचते इससे पहले ही दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों में आग लग गई। जब तक दमकल वाहन पहुंचकर आग बुझाते उससे पहले ही दोनों वाहनों के चालक और डंपर का क्लीनर जिंदा जल गए, जबकि डीसीएम के क्लीनर ने कूदकर जान बचाई। उसे कानपुर हैलट में भर्ती कराया गया है। हादसे के चलते हरदोई मार्ग तीन घंटे जाम रहा। पुलिस के मुताबिक दोनों में किसी एक वाहन चालक को झपकी आने से हादसा हुआ है।
संभल जिले के थाना असमोली के गांव गहरे की मंड़िया निवासी डीसीएम मालिक व चालक महिपाल (30) रिश्ते में भांजे क्लीनर यहीं के सिहोरी फतेहपुर निवासी सोनू (28) पुत्र शंकर सिंह के साथ मुजफ्फरनगर से केमिकल भरे ड्रम लेकर कानपुर जा रहा था। बुधवार सुबह तीन बजे वह हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद कस्बा के मुरे कंपनी मोड़ पहुंचा था तभी विपरीत दिशा से आ रहे मौरंग लदे डंपर से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों में आग लग गई और केबिन में फंसे वाहनों के चालक और क्लीनर को निकलने का मौका नहीं मिला।
डंपर चालक कानपुर देहात जिले के थाना भोगनीपुर के गांव चौरा निवासी पवन यादव (35), क्लीनर जालौन थाना कालपी के गांव छौंक निवासी सुमित (20) और डीसीएम चालक महिपाल की जलकर मौत हो गई। डीसीएम के क्लीनर सोनू ने आग लगने से पहले ही कूदकर जान बचाई। पीआरवी की सूचना पर बांगरमऊ कोतवाल चंद्रकांत पहुंचे और घायल क्लीनर को बांगरमऊ सीएचसी भेजा।
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केमिकल और डीजल होने से आग को बुझाने में अग्निशमन दल को करीब डेढ़ घंटे का वक्त लगा। इस दौरान हरदोई मार्ग पर करीब तीन किमी लंबा जाम लग गया। आग बुझने के बाद क्रेन से दोनों वाहनों को सड़क से हटवाया। सुबह छह बजे यातायात शुरू हो पाया। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है।
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पहले चार डंपरों का मालिक था पवन, पिता की मौत से टूटा व्यवसाय
गंजमुरादाबाद। डीसीएम और डंपर की भिड़ंत में आग लगने से हुई तीन मौतों ने तीन परिवारों को बेसहारा कर दिया। इसमें डंपर का क्लीनर अपने परिवार का इकलौता सहारा था। दूसरा भाई मानसिक बीमार रहता है। उसका भी इलाज करा रहा था। पिता के खेती करने से बहनों की शादी की भी जिम्मेदारी थी। वहीं चालक पहले खुद के डंपर चलाता था, उसके पिता की भी हादसे में जान जाने के बाद उसे दूसरे की गाड़ी चलानी पड़ी।
डंपर चालक पवन की मौत की सूचना पर आए पोस्टमार्टम आए भाई चमन ने बताया कि पहले उसके खुद के चार डंपर चलते थे, लेकिन नौ साल पहले पिता बाबादीन की भी सड़क हादसे में मौत हो जाने से कर्जा अधिक हो गया। बैंक लोन होने से सभी डंपरों को बेचना पड़ा। फिर भाई ने गांव के ही वकील का डंपर चलाना शुरू कर परिवार पाल रहे थे, लेकिन यह नहीं पता था कि ऐसा दोबारा भी होगा। भाई की मौत से उसकी पत्नी अनूपा, बेटी कशिश, बेटा अमन और अन्य परिजन बेहाल हैं। क्लीनर का काम करने वाला सुमित अपने परिवार का सहारा था। छोटा भाई आदित्य मानसिक बीमार रहता है। उसका इलाज भी करा रहा था। पिता भूरा खेती करते हैं। दो बहनें साधना और आराधना हैं, उनकी भी शादी की जिम्मेदारी इसी पर थी। बेटे की मौत से मां मिथलेश और अन्य परिजन बेहाल हैं।
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लोन पर थी खुद की डीसीएम, अदा कर रहा था किश्त
डीसीएम चालक महिपाल की मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम आए बड़े भाई धर्मपाल ने बताया कि भाई की खुद की डीसीएम थी। उसे लोन पर ली थी, अभी उसकी किस्त भरी जा रही हैं। वह चार भाईयों में सबसे छोटा था। पत्नी कविता है। एक बेटी हुई थी, कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। उसके बाद से दूसरा बच्चा नहीं हुआ। पहले बेटी और अब पति की मौत से अकेली हुई कविता सदमे में है। भाई धर्मपाल के मुताबिक जब से घटना का पता चला है वह घर में गुमसुम बैठीं हैं।
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संभल जिले के थाना असमोली के गांव गहरे की मंड़िया निवासी डीसीएम मालिक व चालक महिपाल (30) रिश्ते में भांजे क्लीनर यहीं के सिहोरी फतेहपुर निवासी सोनू (28) पुत्र शंकर सिंह के साथ मुजफ्फरनगर से केमिकल भरे ड्रम लेकर कानपुर जा रहा था। बुधवार सुबह तीन बजे वह हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद कस्बा के मुरे कंपनी मोड़ पहुंचा था तभी विपरीत दिशा से आ रहे मौरंग लदे डंपर से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों में आग लग गई और केबिन में फंसे वाहनों के चालक और क्लीनर को निकलने का मौका नहीं मिला।
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डंपर चालक कानपुर देहात जिले के थाना भोगनीपुर के गांव चौरा निवासी पवन यादव (35), क्लीनर जालौन थाना कालपी के गांव छौंक निवासी सुमित (20) और डीसीएम चालक महिपाल की जलकर मौत हो गई। डीसीएम के क्लीनर सोनू ने आग लगने से पहले ही कूदकर जान बचाई। पीआरवी की सूचना पर बांगरमऊ कोतवाल चंद्रकांत पहुंचे और घायल क्लीनर को बांगरमऊ सीएचसी भेजा।
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केमिकल और डीजल होने से आग को बुझाने में अग्निशमन दल को करीब डेढ़ घंटे का वक्त लगा। इस दौरान हरदोई मार्ग पर करीब तीन किमी लंबा जाम लग गया। आग बुझने के बाद क्रेन से दोनों वाहनों को सड़क से हटवाया। सुबह छह बजे यातायात शुरू हो पाया। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है।
पहले चार डंपरों का मालिक था पवन, पिता की मौत से टूटा व्यवसाय
गंजमुरादाबाद। डीसीएम और डंपर की भिड़ंत में आग लगने से हुई तीन मौतों ने तीन परिवारों को बेसहारा कर दिया। इसमें डंपर का क्लीनर अपने परिवार का इकलौता सहारा था। दूसरा भाई मानसिक बीमार रहता है। उसका भी इलाज करा रहा था। पिता के खेती करने से बहनों की शादी की भी जिम्मेदारी थी। वहीं चालक पहले खुद के डंपर चलाता था, उसके पिता की भी हादसे में जान जाने के बाद उसे दूसरे की गाड़ी चलानी पड़ी।
डंपर चालक पवन की मौत की सूचना पर आए पोस्टमार्टम आए भाई चमन ने बताया कि पहले उसके खुद के चार डंपर चलते थे, लेकिन नौ साल पहले पिता बाबादीन की भी सड़क हादसे में मौत हो जाने से कर्जा अधिक हो गया। बैंक लोन होने से सभी डंपरों को बेचना पड़ा। फिर भाई ने गांव के ही वकील का डंपर चलाना शुरू कर परिवार पाल रहे थे, लेकिन यह नहीं पता था कि ऐसा दोबारा भी होगा। भाई की मौत से उसकी पत्नी अनूपा, बेटी कशिश, बेटा अमन और अन्य परिजन बेहाल हैं। क्लीनर का काम करने वाला सुमित अपने परिवार का सहारा था। छोटा भाई आदित्य मानसिक बीमार रहता है। उसका इलाज भी करा रहा था। पिता भूरा खेती करते हैं। दो बहनें साधना और आराधना हैं, उनकी भी शादी की जिम्मेदारी इसी पर थी। बेटे की मौत से मां मिथलेश और अन्य परिजन बेहाल हैं।
लोन पर थी खुद की डीसीएम, अदा कर रहा था किश्त
डीसीएम चालक महिपाल की मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम आए बड़े भाई धर्मपाल ने बताया कि भाई की खुद की डीसीएम थी। उसे लोन पर ली थी, अभी उसकी किस्त भरी जा रही हैं। वह चार भाईयों में सबसे छोटा था। पत्नी कविता है। एक बेटी हुई थी, कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। उसके बाद से दूसरा बच्चा नहीं हुआ। पहले बेटी और अब पति की मौत से अकेली हुई कविता सदमे में है। भाई धर्मपाल के मुताबिक जब से घटना का पता चला है वह घर में गुमसुम बैठीं हैं।

फोटो नंबर 10-हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद में हादसे में जला डंपर व डीसीएम । संवाद

फोटो नंबर 10-हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद में हादसे में जला डंपर व डीसीएम । संवाद

फोटो नंबर 10-हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद में हादसे में जला डंपर व डीसीएम । संवाद

फोटो नंबर 10-हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद में हादसे में जला डंपर व डीसीएम । संवाद

फोटो नंबर 10-हरदोई-उन्नाव मार्ग पर गंजमुरादाबाद में हादसे में जला डंपर व डीसीएम । संवाद