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किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को दस साल की सजा
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। किशोरी को भगा ले जाने व बंधक बनाकर कई माह तक दुष्कर्म करने वाले दोषी युवक को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की पचास प्रतिशत राशि दुष्कर्म पीड़िता को दी जाएगी।
बीघापुर के एक गांव निवासी पिता ने वर्ष 2012 में बीघापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के मुताबिक हरिया के पिंडरी जटेहरी निवासी राजू उर्फ राजवीर उसकी नाबालिग बेटी को नवंबर 2011 में भगा ले गया था। उसने बेटी को कई माह तक हरियाणा में बंधक बनाकर रखा।
इस दौरान उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। 2012 में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 2012 से मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में विचाराधीन था। अधिवक्ता रामजीवन यादव की दलीलों को सुन न्यायाधीश रामप्रकाश पांडेय ने राजू को किशोरी को भगा ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया। दुष्कर्म के आरोप में दस साल, किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में तीन साल व बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश रामप्रकाश पंाडेय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि से पचास फीसद राशि पीड़िता को दी जाएगी।
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- हरियाणा में बंधक बना कई माह तक किया था दुष्कर्म
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उन्नाव। किशोरी को भगा ले जाने व बंधक बनाकर कई माह तक दुष्कर्म करने वाले दोषी युवक को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की पचास प्रतिशत राशि दुष्कर्म पीड़िता को दी जाएगी।
बीघापुर के एक गांव निवासी पिता ने वर्ष 2012 में बीघापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के मुताबिक हरिया के पिंडरी जटेहरी निवासी राजू उर्फ राजवीर उसकी नाबालिग बेटी को नवंबर 2011 में भगा ले गया था। उसने बेटी को कई माह तक हरियाणा में बंधक बनाकर रखा।
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इस दौरान उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। 2012 में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 2012 से मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में विचाराधीन था। अधिवक्ता रामजीवन यादव की दलीलों को सुन न्यायाधीश रामप्रकाश पांडेय ने राजू को किशोरी को भगा ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया। दुष्कर्म के आरोप में दस साल, किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में तीन साल व बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश रामप्रकाश पंाडेय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि से पचास फीसद राशि पीड़िता को दी जाएगी।
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