{"_id":"5ba2a04d867a55019d617439","slug":"31537384525-unnao-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक की हत्या में चार को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवक की हत्या में चार को आजीवन कारावास
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। युवक की हत्या में दोषी चार लोगों को अपर जिला सत्र न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
हसनगंज थाना क्षेत्र के मोहनी खेड़ा गांव निवासी रामनरेश यादव के पुत्र अमीश यादव की 26 मार्च 2016 को हत्या कर दी गई थी। अमीश के चचेरे भाई देशराज ने कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में पुलिस ने अमीश के मोबाइल नंबर की सीडीआर डिटेल के आधार पर छह लोगों को गिरफ्तार किया था। विवेचना में पता चला था कि पड़ोसी के गांव के संतोष ने साथियों के साथ मिल अमीश की हत्या की थी।
संतोष कुमार की बहन से अमीश के संबध थे। संतोष इसका विरोध कर रहा था। पुलिस ने संतोष कुमार, असलम, अंसार, रंजीत रावत, छोटू, अजय रैदास को जेल भेज दिया था। बुधवार को अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर 6 ने शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र की दलीलों को सुन अजय रैदास, अंसार, असलम और संतोष को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई। वही साक्ष्य के अभाव में छोटू और रंजीत रावत को रिहा कर दिया।
विज्ञापन
-साक्ष्य के अभाव में दो युवकों को किया बरी
-चार पर बीस-बीस हजार का लगाया गया अर्थदंड
विज्ञापन
उन्नाव। युवक की हत्या में दोषी चार लोगों को अपर जिला सत्र न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
हसनगंज थाना क्षेत्र के मोहनी खेड़ा गांव निवासी रामनरेश यादव के पुत्र अमीश यादव की 26 मार्च 2016 को हत्या कर दी गई थी। अमीश के चचेरे भाई देशराज ने कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में पुलिस ने अमीश के मोबाइल नंबर की सीडीआर डिटेल के आधार पर छह लोगों को गिरफ्तार किया था। विवेचना में पता चला था कि पड़ोसी के गांव के संतोष ने साथियों के साथ मिल अमीश की हत्या की थी।
विज्ञापन
संतोष कुमार की बहन से अमीश के संबध थे। संतोष इसका विरोध कर रहा था। पुलिस ने संतोष कुमार, असलम, अंसार, रंजीत रावत, छोटू, अजय रैदास को जेल भेज दिया था। बुधवार को अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर 6 ने शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र की दलीलों को सुन अजय रैदास, अंसार, असलम और संतोष को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई। वही साक्ष्य के अभाव में छोटू और रंजीत रावत को रिहा कर दिया।
विज्ञापन
-साक्ष्य के अभाव में दो युवकों को किया बरी
-चार पर बीस-बीस हजार का लगाया गया अर्थदंड