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मानव दिवस सृजन में चार ब्लाक फिसड्डी, बीडीओ को चेतावनी
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। वितीय वर्ष शुरू हुए ढाई माह से अधिक समय बीत चुका है लेकिन जिले में मनरेगा कार्य तेजी नहीं पकड़ पा रहे हैं। जनपद के चार ब्लाक फिसड्डी साबित हो रहे हैं। जबकि कई अन्य विकासखंडों की भी स्थिति खासी खराब है। मनरेगा उपायुक्त ने लापरवाही पर बीडीओ को चेतावनी दी है।
एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष 2018-19 शुरू हो चुका है लेकिन मानव दिवस (एक मजदूर के एक दिन काम करने पर एक मानव दिवस सृजित होता है) सृजन लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी भी नहीं हो पाया है। मानव दिवस सृजन में सरोसी, करन, सफीपुर व बीघापुर विकासखंड निचले पायदान पर चल रहे हैं। इन ब्लाकों की प्रगति क्रमश: सरोसी की 20, सफीपुर की 21, बीघापुर की 14 और करन की 21 प्रतिशत ही है। इसी प्रकार सात अन्य ब्लाकों बांगरमऊ, बिछिया, बीघापुर, हसनगंज, हिलौली, नवाबगंज व सरोसी में भी लक्ष्य के सापेक्ष 50 प्रतिशत मानव दिवस सृजित नहीं हो पाए हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो 30 जून तक ग्राम्य विकास विभाग को मनरेगा में 11 लाख मानव दिवसों का सृजन करना है लेकिन अभी तक पौने 5 लाख मानव दिवस ही सृजित हो पाए हैं। मनरेगा उपायुक्त राजेश कुमार झा ने बताया कि ब्लाक अधिकारियों को मनरेगा कार्य तेजी से कराने के आदेश दिए जा चुके हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 30 जून तक लक्ष्य के सापेक्ष मानवदिवस सृजित नहीं हुए तो बीडीओ पर कार्रवाई की जा सकती है।
-कई अन्य विकासखंडों की भी स्थिति खराब
-जून में लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी मानव दिवस नहीं हुए सृजित
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उन्नाव। वितीय वर्ष शुरू हुए ढाई माह से अधिक समय बीत चुका है लेकिन जिले में मनरेगा कार्य तेजी नहीं पकड़ पा रहे हैं। जनपद के चार ब्लाक फिसड्डी साबित हो रहे हैं। जबकि कई अन्य विकासखंडों की भी स्थिति खासी खराब है। मनरेगा उपायुक्त ने लापरवाही पर बीडीओ को चेतावनी दी है।
एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष 2018-19 शुरू हो चुका है लेकिन मानव दिवस (एक मजदूर के एक दिन काम करने पर एक मानव दिवस सृजित होता है) सृजन लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी भी नहीं हो पाया है। मानव दिवस सृजन में सरोसी, करन, सफीपुर व बीघापुर विकासखंड निचले पायदान पर चल रहे हैं। इन ब्लाकों की प्रगति क्रमश: सरोसी की 20, सफीपुर की 21, बीघापुर की 14 और करन की 21 प्रतिशत ही है। इसी प्रकार सात अन्य ब्लाकों बांगरमऊ, बिछिया, बीघापुर, हसनगंज, हिलौली, नवाबगंज व सरोसी में भी लक्ष्य के सापेक्ष 50 प्रतिशत मानव दिवस सृजित नहीं हो पाए हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो 30 जून तक ग्राम्य विकास विभाग को मनरेगा में 11 लाख मानव दिवसों का सृजन करना है लेकिन अभी तक पौने 5 लाख मानव दिवस ही सृजित हो पाए हैं। मनरेगा उपायुक्त राजेश कुमार झा ने बताया कि ब्लाक अधिकारियों को मनरेगा कार्य तेजी से कराने के आदेश दिए जा चुके हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 30 जून तक लक्ष्य के सापेक्ष मानवदिवस सृजित नहीं हुए तो बीडीओ पर कार्रवाई की जा सकती है।
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-कई अन्य विकासखंडों की भी स्थिति खराब
-जून में लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी मानव दिवस नहीं हुए सृजित