{"_id":"5ba2a050867a557e8327c6ac","slug":"201537384528-unnao-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोल्हेखेड़ा की आबादी पांच सौ, शौचालय मात्र एक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोल्हेखेड़ा की आबादी पांच सौ, शौचालय मात्र एक
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चकलवंशी। विकासखंड सरोसी क्षेत्र के मोल्हेखेड़ा में स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। गांव में पांच सौ की आबादी में मात्र एक शौचालय का निर्माण किया गया है। ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इससे गांव में बीमारियों ने पैर पसार लिया है।
ब्लाक क्षेत्र के भदेवना ग्राम पंचायत में पंडितखेड़ा, मोल्हेखेड़ा, चूराखेड़ा व गंगादीनखेड़ा आदि आधा दर्जन मजरों में लगभग छह हजार की आबादी निवास करती है। मोल्हेखेड़ा मजरे में लगभग पांच सौ की आबादी है। जिसमें पिछड़ी जाति के लोग निवास करते हैं। गांव के सियाराम, संतराम, तेजा, कल्लू व कैलाश आदि ने बताया कि गांव में कोई विकास नहीं हुआ है। एक मात्र सीसी रोड का निर्माण कराया गया है। अधिकांश गलिया कच्ची हैं। जिनमें कीचड़ भरा रहता है। कभी सफ ाई नहीं की जाती है। गांव में दो इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं जो खराब पडे़ हैं।
स्वच्छता अभियान के तहत एक ग्रामीण को छोड़कर अन्य किसी को शौचालय नहीं मिला है। जिससे महिलाएं,बच्चे सभी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इसके विपरीत भदेवना व पंडितखेड़ा आदि मजरों में पर्याप्त शौचालय बने हैं। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2012 की सूची में 78 गरीबों का चयन किया गया था। मोल्हेखेड़ा के भिक्खू का शौचालय बन गया है। अन्य लाभार्थियों की सूची मुख्यालय भेज दी गई है।
विज्ञापन
-गांव में दम तोड़ रहा है स्वच्छता अभियान
-खुले में शौच जाने से बीमारियाें ने पसारा पैर
विज्ञापन
चकलवंशी। विकासखंड सरोसी क्षेत्र के मोल्हेखेड़ा में स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। गांव में पांच सौ की आबादी में मात्र एक शौचालय का निर्माण किया गया है। ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इससे गांव में बीमारियों ने पैर पसार लिया है।
ब्लाक क्षेत्र के भदेवना ग्राम पंचायत में पंडितखेड़ा, मोल्हेखेड़ा, चूराखेड़ा व गंगादीनखेड़ा आदि आधा दर्जन मजरों में लगभग छह हजार की आबादी निवास करती है। मोल्हेखेड़ा मजरे में लगभग पांच सौ की आबादी है। जिसमें पिछड़ी जाति के लोग निवास करते हैं। गांव के सियाराम, संतराम, तेजा, कल्लू व कैलाश आदि ने बताया कि गांव में कोई विकास नहीं हुआ है। एक मात्र सीसी रोड का निर्माण कराया गया है। अधिकांश गलिया कच्ची हैं। जिनमें कीचड़ भरा रहता है। कभी सफ ाई नहीं की जाती है। गांव में दो इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं जो खराब पडे़ हैं।
विज्ञापन
स्वच्छता अभियान के तहत एक ग्रामीण को छोड़कर अन्य किसी को शौचालय नहीं मिला है। जिससे महिलाएं,बच्चे सभी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इसके विपरीत भदेवना व पंडितखेड़ा आदि मजरों में पर्याप्त शौचालय बने हैं। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2012 की सूची में 78 गरीबों का चयन किया गया था। मोल्हेखेड़ा के भिक्खू का शौचालय बन गया है। अन्य लाभार्थियों की सूची मुख्यालय भेज दी गई है।
विज्ञापन
-गांव में दम तोड़ रहा है स्वच्छता अभियान
-खुले में शौच जाने से बीमारियाें ने पसारा पैर