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हरछठ का व्रत रख मांगी पुत्रों की लंबी उम्र
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:56 PM IST
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उन्नाव। महिलाओं ने रविवार को हरछठ का व्रत रखकर अपने पुत्रों की लंबी उम्र की कामना की। इस दिन महिलाओं ने हल चलाकर पैदा किए गए अन्न का त्याग किया। व्रत रखकर महिलाओं ने हरछठ मईया का पूजन किया। रविवार सुबह भी हरछठ के लिए खरीदारी होती रही।
रविवार सुबह उठकर महिलाओं ने स्नान करके पूजन की तैयारियां शुरू की। कुल्हड़ में भूने चबेना (चना, चावल, मक्का, गेहूं आदि) रखा। इसके बाद छूल के पत्ते और फसही के चावल लेकर हरछठ मईया का पूजन किया। मान्यता के अनुसार घर में एक दूसरे को इससे जुड़ी कथाएं सुनाईं।
फिर मां ने अपने पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना की। ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने दीवारों पर चावल के पीठे से हरछठ मईया का चित्र बनाया। वहीं शहरी क्षेत्र में महिलाओं ने बाजार से पोस्टर खरीदकर पूजन किया। फिर पूरे दिन व्रत रखा। हल चलाकर पैदा किए गए अन्न को ग्रहण नहीं किया। यहां तक की चाय भी चीनी के बजाए शहद की पी। फलों व व्रत योग्य चीजें खाकर व्रत का पालन किया। पूरे दिन भजन कीर्तन होते रहे।
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-हल चलाकर पैदा किए गए अन्न का महिलाओं ने किया त्याग
अमर उजाला ब्यूरो
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रविवार सुबह उठकर महिलाओं ने स्नान करके पूजन की तैयारियां शुरू की। कुल्हड़ में भूने चबेना (चना, चावल, मक्का, गेहूं आदि) रखा। इसके बाद छूल के पत्ते और फसही के चावल लेकर हरछठ मईया का पूजन किया। मान्यता के अनुसार घर में एक दूसरे को इससे जुड़ी कथाएं सुनाईं।
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फिर मां ने अपने पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना की। ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने दीवारों पर चावल के पीठे से हरछठ मईया का चित्र बनाया। वहीं शहरी क्षेत्र में महिलाओं ने बाजार से पोस्टर खरीदकर पूजन किया। फिर पूरे दिन व्रत रखा। हल चलाकर पैदा किए गए अन्न को ग्रहण नहीं किया। यहां तक की चाय भी चीनी के बजाए शहद की पी। फलों व व्रत योग्य चीजें खाकर व्रत का पालन किया। पूरे दिन भजन कीर्तन होते रहे।
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-हल चलाकर पैदा किए गए अन्न का महिलाओं ने किया त्याग
अमर उजाला ब्यूरो