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Umesh Pal Murder Case: वो सफेदपोश जिसके पास रोज आता था अतीक का फोन, इसी करीबी से कहा- मारने की टाइमिंग गलत...
Wed, 15 Mar 2023 12:24 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 15 Mar 2023 12:24 PM IST
सार
एसटीएफ को साबरमती जेल से अतीक और उसके करीबी के बीच हुई बातचीत के पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं। एक कॉल में अतीक उससे बोल रहा है कि सुबह से सौ बार फेसटाइम पर बात करने की कोशिश कर चुका हूं, उठाते क्यों नहीं हो। ये कॉल अतीक ने फेसटाइम पर संपर्क न होने पर अपने करीबी से की थी
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Umesh Pal Hatyakand
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
माफिया अतीक अहमद अपने एक सफेदपोश करीबी से हर बात साझा करता था। मोबाइल के जरिए साबरमती जेल से रोजाना किसी न किसी बहाने फोन करके सियासत का हाल भी लेता था।
राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल को ठिकाने लगाने के बाद उसने इसी करीबी से कहा था कि टाइमिंग गलत हो गई। सदन चल रहा था, अभी कोई काम नहीं करना था। अब एसटीएफ अतीक के इसी सफेदपोश करीबी को तलाश रही है। उमेश पाल की हत्या के बाद वह भी पुलिस से बचने के लिए भूमिगत हो चुका है।
दरअसल, एसटीएफ को साबरमती जेल से अतीक और उसके करीबी के बीच हुई बातचीत के पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं। एक कॉल में अतीक उससे बोल रहा है कि सुबह से सौ बार फेसटाइम पर बात करने की कोशिश कर चुका हूं, उठाते क्यों नहीं हो। ये कॉल अतीक ने फेसटाइम पर संपर्क न होने पर अपने करीबी से की थी, जिसका ब्योरा अब एसटीएफ के पास मौजूद है।
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एसटीएफ दोनों के बीच मोबाइल पर होने वाली लगातार बातचीत को उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने का अहम सुबूत मान रही है, जिसे अदालत में पेश किया जाएगा। इसके आधार पर अतीक को साबरमती से प्रयागराज लाने और पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है।
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राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल को ठिकाने लगाने के बाद उसने इसी करीबी से कहा था कि टाइमिंग गलत हो गई। सदन चल रहा था, अभी कोई काम नहीं करना था। अब एसटीएफ अतीक के इसी सफेदपोश करीबी को तलाश रही है। उमेश पाल की हत्या के बाद वह भी पुलिस से बचने के लिए भूमिगत हो चुका है।
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दरअसल, एसटीएफ को साबरमती जेल से अतीक और उसके करीबी के बीच हुई बातचीत के पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं। एक कॉल में अतीक उससे बोल रहा है कि सुबह से सौ बार फेसटाइम पर बात करने की कोशिश कर चुका हूं, उठाते क्यों नहीं हो। ये कॉल अतीक ने फेसटाइम पर संपर्क न होने पर अपने करीबी से की थी, जिसका ब्योरा अब एसटीएफ के पास मौजूद है।
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एसटीएफ दोनों के बीच मोबाइल पर होने वाली लगातार बातचीत को उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने का अहम सुबूत मान रही है, जिसे अदालत में पेश किया जाएगा। इसके आधार पर अतीक को साबरमती से प्रयागराज लाने और पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है।
ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर पहुंचे प्रयागराज
माफिया अतीक की संपत्तियों को जब्त करने के लिए ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर जितेंद्र सिंह बीते दो दिन से प्रयागराज में कैंप कर रहे हैं। ईडी के अधिकारी अतीक और उसके गिरोह की प्रत्येक संपत्ति की गहनता से छानबीन कर रहे हैं, ताकि उनको अटैच किया जा सके। सूत्रों की मानें तो ईडी के अधिकारी अतीक और उसके परिजनों की 100 करोड़ से अधिक कीमत की संपत्तियों को चिन्हित कर चुके हैं।
अहमदाबाद में पुलिस की छानबीन जारी
पुलिस की टीम ने अहमदाबाद में मंगलवार को भी छानबीन की। अब तक अतीक के दस गुर्गों के बारे में पता चला है जिन्होंने साबरमती इलाके के आसपास किराये पर कमरे या फ्लैट लिए थे। उनके मकान मालिकों से भी पूछताछ की गई है। पता चला है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद सभी कमरों में ताला लगाकर फरार हो गए।
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अतीक से मुलाकात करने वालों की सूची भी पुलिस को मिली
पुलिस की टीम पिछले तीन दिनों से अहमदाबाद में है। टीम ने साबरमती जेल अधिकारियों से भी मुलाकात की है। उन्हें उमेश पाल हत्याकांड में अतीक की संलिप्तता के बारे में जानकारी सौंपी गई। यह बताया गया कि अतीक ने जेल से हत्याकांड की साजिश रची। जेल प्रशासन को अतीक के मोबाइल प्रयोग के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही अतीक से मुलाकात करने वालों की सूची भी पुलिस को मिल गई है। अब इसके आधार पर छानबीन चल रही है।
साबरमती जेल के आस पास किराये के कमरे और फ्लैट ले लिए थे
पुलिस को जांच के दौरान प्रयागराज से ही पता चला था कि आशिक उर्फ मल्ली समेत कई गुर्गों ने साबरमती जेल के आस पास किराये के कमरे और फ्लैट ले लिए थे। पुलिस ने मल्ली के फ्लैट समेत दस कमरों में खोजबीन की है जिसे अतीक के गुर्गों ने किराये पर लिए थे। इन कमरों में छानबीन मंगलवार को भी जारी रही। हालांकि सभी जगह ताला लगा था। पुलिस ने मकान मालिकों से पूछताछ की। अतीक के गुर्गों और उनसे मिलने जुलने वालों के बारे में भी पूछताछ की गई।