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यूपी: उसने जिसकी हत्या में जेल काटी, वह लौट आया जिंदा
संभल/ब्यूरो
Updated Fri, 30 Aug 2013 01:41 AM IST
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मुरादाबाद के संभल में जिस बालक के अपहरण और उसकी हत्या में नौ महीने सलाखों के पीछे सजा काटी। जब वह बमुश्किल हाईकोर्ट से जमानत पर छूटा, तब तक वह बालक खुद ब खुद घर लौट आया।
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लेकिन पुलिस ने अभी तक हकीकत को रिकार्ड में दर्ज नहीं किया। ऐसे में यदि विकास को कोई फिर से गायब कर दे तो पन्नालाल की बेगुनाही कैसे साबित होगी?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बनियाठेर थाना क्षेत्र के उमरागोपालपुर निवासी पन्नालाल और उसके दो बेटों को पांच अप्रैल 2011 जगदीश पुत्र मूलचंद्र ने अपने पुत्र विकास (14) के अपहरण के आरोप में नामजद किया था।
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तत्कालीन थानाध्यक्ष राकेश सिंह ने विवेचना करते हुए 12 अक्तूबर 2011 को फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर जगदीश ने आत्मदाह की धमकी देकर पुलिस पर दबाव बनाया। जिस पर पुन: विवेचना शुरू हुई।
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नौ अप्रैल 2012 को चार्जशीट दाखिल कर दी लेकिन पन्नालाल के बेटों को निर्दोष मान कर नाम निकाल दिया गया। चार्जशीट में तत्कालीन विवेचक ने पन्नालाल के इकबालिया बयान और वादी के बयानों तथा गवाहों के बयानों को आधार बना कर माना है कि पन्नालाल ने गांव से प्रधानी के चुनाव की रंजिश में विकास का अपहरण किया और उसे गंगा में डुबो कर मार दिया। अदालत को चार्जशीट भेज दी गई।
जमानत के लिए पन्नालाल को हाईकोर्ट तक जाना पड़ा। नौ माह बाद जमानत मिल सकी। इस केस में उस वक्त नया मोड़ आया जब 17 अगस्त को विकास जिंदा घर लौट आया। अब पन्नालाल अपनी बेगुनाही साबित करने को भटक रहा है।
बच्चों को फंसाए जाने की धमकी
अब पन्नालाल न्याय के लिए भटक रहा है। थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक और डीआईजी तक उसने गुहार की है लेकिन पुलिस ने अभी तक कथित रूप से अपहृत बच्चे के बयान तक दर्ज नहीं कराए। उल्टे पन्नालाल को धमकाया जा रहा है। कहा यह गया है कि यदि न्याय के लिए ज्यादा जूझे तो बच्चों को भी अपहरण के केस में फंसा देंगे।
रायपुर में नहीं हुई अपहरण की पुष्टि
किशोर के अपहरण की पुष्टि अमरोहा के रायपुर गांव में नहीं हुई। बता दें कि 17 अगस्त को विकास गांव आया था तब उसने पुलिस को बताया कि वह एक साल तक रायपुर गांव में रहा। उसे बंधक बना कर रखा गया था लेकिन जब पुलिस रायपुर पहुंची तो इसकी पुष्टि नहीं हुई।
गांव के लोगों ने बताया कि विकास ने कभी नहीं बताया कि वह कहां का रहने वाला है। वह अपने आप ही एक परिवार में आराम से रहता था और पशुओं की देखरेख का काम देखता था।
'पुलिस विवेचना करेगी। पन्नालाल को न्याय मिलेगा। जिन लोगों ने उसे फर्जी फंसाया था उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'
अमर सिंह, सीओ।