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भदैंया में 15 साल से स्वजलधारा का इंतजार
Amarujala Bureau
Updated Sat, 04 Mar 2017 10:19 PM IST
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लापरवाही का नतीजा उजागर
- फोटो : अमर उजाला
घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करीब डेढ़ दशक पहले स्थापित स्वजलधारा अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। लाखों रुपये सरकार के पानी में चले गए। ग्रामीणों ने पानी की सुविधा की आस में अंशदान भी जमा किया था। इसके बावजूद ग्रामीणों को पानी नहीं मिल सका।
स्वजलधारा योजना के तहत गावों में पानी की टंकी स्थापित कर गहराई में बोरिंग कराई गई थी। मंशा थी कि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके। 15 साल बाद भी लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इस योजना के परवान चढ़ने से न केवल शुद्ध पेयजल मिलता बल्कि गर्मी में पानी का संकट भी दूर होता। अब ग्रामीणों को सिर्फ हैंडपंपों का सहारा है।
इन गांवों को मिलता लाभ
भदैंया विकास क्षेत्र के बजेठी, भपटा, रामपुर, हनुमानगंज, बरुई, बभनगवां, जगदीशपुर व बेलासदा में एक साथ स्वजलधारा की योजना शुरू हुई थी। तत्कालीन डीडीओ शंभूनाथ त्रिपाठी की देखरेख में कार्य शुरू हुआ तो सब ठीक-ठाक था। डीडीओ के स्थानांतरण के बाद योजना का क्रियान्वयन डगमगा गया।
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स्वजलधारा योजना के तहत गावों में पानी की टंकी स्थापित कर गहराई में बोरिंग कराई गई थी। मंशा थी कि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके। 15 साल बाद भी लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इस योजना के परवान चढ़ने से न केवल शुद्ध पेयजल मिलता बल्कि गर्मी में पानी का संकट भी दूर होता। अब ग्रामीणों को सिर्फ हैंडपंपों का सहारा है।
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इन गांवों को मिलता लाभ
भदैंया विकास क्षेत्र के बजेठी, भपटा, रामपुर, हनुमानगंज, बरुई, बभनगवां, जगदीशपुर व बेलासदा में एक साथ स्वजलधारा की योजना शुरू हुई थी। तत्कालीन डीडीओ शंभूनाथ त्रिपाठी की देखरेख में कार्य शुरू हुआ तो सब ठीक-ठाक था। डीडीओ के स्थानांतरण के बाद योजना का क्रियान्वयन डगमगा गया।
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