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Sultanpur News: फर्जी दस्तावेज से दो शिक्षकों पर नाैकरी हथियाने का आरोप
Sun, 20 Jul 2025 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:39 PM IST
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सुल्तानपुर। जिले के कुड़वार ब्लॉक स्थित शंकर सुवन लघु माध्यमिक विद्यालय, बहलोलपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने के दो मामले सामने आए हैं। जांच में आरोप सत्य पाए गए। जिसके बाद दो शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
यादवेंद्र यादव ने फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र के जरिए वर्ष 2016 में प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्ति हासिल की। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधक की मिलीभगत से उन्होंने विभाग को गुमराह कर वेतन भी स्वीकृत करवा लिया। दूसरी ओर, शिक्षिका नंदिता सिंह ने स्नातक में सिर्फ 49.11% अंक होने के बावजूद बीएड किया और उसी के आधार पर नियुक्ति ले ली, जबकि सामान्य वर्ग में बीएड की पात्रता के लिए 50% अंक जरूरी होते हैं। नियुक्ति के समय उनके दस्तावेजों का सत्यापन भी सही तरीके से नहीं किया गया। इन दोनों मामलों की शिकायत बाद में विद्यालय के ही प्रबंधक द्वारा बीएसए कार्यालय में की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दस्तावेज फर्जी थे और नियोजन प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध हुई थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि दोनों नियुक्तियों की जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने की पुष्टि हुई है। दोनों शिक्षकों को नोटिस भेजा गया है। उनसे जवाब मांगा गया है।
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यादवेंद्र यादव ने फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र के जरिए वर्ष 2016 में प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्ति हासिल की। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधक की मिलीभगत से उन्होंने विभाग को गुमराह कर वेतन भी स्वीकृत करवा लिया। दूसरी ओर, शिक्षिका नंदिता सिंह ने स्नातक में सिर्फ 49.11% अंक होने के बावजूद बीएड किया और उसी के आधार पर नियुक्ति ले ली, जबकि सामान्य वर्ग में बीएड की पात्रता के लिए 50% अंक जरूरी होते हैं। नियुक्ति के समय उनके दस्तावेजों का सत्यापन भी सही तरीके से नहीं किया गया। इन दोनों मामलों की शिकायत बाद में विद्यालय के ही प्रबंधक द्वारा बीएसए कार्यालय में की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दस्तावेज फर्जी थे और नियोजन प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध हुई थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि दोनों नियुक्तियों की जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने की पुष्टि हुई है। दोनों शिक्षकों को नोटिस भेजा गया है। उनसे जवाब मांगा गया है।
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