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Sultanpur News: मवेशियों से भरा ट्रक पलटा, पांच की मौत
Fri, 09 Feb 2024 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 09 Feb 2024 01:53 AM IST
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धनपतगंज (सुल्तानपुर)। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे बिहार जा रहा गोवंश से भरा ट्रक धनपतगंज थाना क्षेत्र के टीकर गांव के पास पलट गया। ट्रक में 18 गोवंश मौजूद थे, जिनमें से पांच की मौके पर मौत हो गई। 13 गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की जानकारी होने पर क्षेत्राधिकारी बल्दीराय, एसडीएम तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) कर्मियों की मदद से सभी गोवंशों को ट्रक से बाहर निकाला गया। घायल गोवंशों को आश्रय स्थल भेजा गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार चालक को झपकी आने से ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ा और फिर पलट गया। हादसे के बाद चालक व क्लीनर मौके से भाग निकले। गोतस्करी की आशंका देख क्षेत्राधिकारी बल्दीराय रमेश कुमार, एसडीएम विदुषी सिंह, तहसीलदार घनश्याम भारतीय भी मौके पर पहुंच गए। यूपीडा कर्मचारियों ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से किनारे कराया।
तिरपाल से पूरी तरह से किया था पैक
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक का पिछला हिस्सा तिरपाल से पूरी तरह से ढका था। इस कारण हादसे के बाद गोवंश बाहर नहीं निकल पाए, जिससे कुछ की दम तो कुछ की चोट लगने से मौत हो गई।
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बिहार का है ट्रक, रेत व मिट्टी भी लादा
ट्रक बिहार के बक्सर जिले का बताया जा रहा है। गोवंशियों की मौजूदगी छिपाने के लिए उसमें रेत व मिट्टी भर दी गई थी। इस कारण वह चेकपोस्ट पर भी पुलिस की नजर से बचता गया।
ट्रक से मिला मोबाइल खेलेगा राज
ट्रक की केबिन में एक मोबाइल और कुछ कागजात मिले, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मोबाइल पर बिहार से लगातार किसी का फोन आ रहा था। ऐसे में पुलिस अब कॉल डिटेल की मदद से गिरोह की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है।
गोरक्षा संगठनों ने उठाई जांच की मांग
राष्ट्रीय गोरक्षा वाहिनी व गो सेवा संघ के सयुंक्त प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने मामले में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व एसडीएम बल्दीराय विदुषी सिंह से वार्ता की। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर केस दर्ज कराने की मांग की। वहीं गोरक्षा के प्रमुख लल्लू तिवारी ने भी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की घटना की जांच की मांग उठाई। उन्होंने इसे तस्करी के बड़े नेटवर्क से भी जोड़ा।
हर पहलू की चल रही जांच
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक से मिले मोबाइल की कॉल डिटेल से चालक व उसके साथ मौजूद क्लीनर का पता लगाया जा रहा है। ट्रक पर बिहार का नंबर दर्ज है। इंजन व चेचिस नंबर की मदद से मालिक का पता लगाने की कोशिश है। घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है।
-रमेश कुमार, क्षेत्राधिकारी बल्दीराय
चालक की झपकी ने पूरे सिस्टम को जगा दिया
ट्रक चालक की झपकी ने बृहस्पतिवार सुबह एक झटके में ही पूरे सिस्टम को झकझोर कर जगा दिया। पुलिस सक्रिय हुई। प्रशासनिक अमला तेजी में दिखा और स्थानीय अभिसूचना इकाई भी जांच में जुट गई। पशु तस्करी की आशंका में हर पहलू की जांच की गई। सभी संदिग्धों की कुंडली खंगाली गई।
पशुतस्करी से जुड़े पुराने पन्ने भी पलटे गए। सूत्रों के अनुसार इस बीच कुछ खास हाथ नहीं लगा, लेकिन घटनाक्रम चौंकाने वाला है। इस कारण अधिकारी इसे सामान्य रूप में नहीं ले रहे। जांच को पुख्ता तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है। इसमें अहम भूमिका निभाएगा ट्रक से मिला मोबाइल, जिसकी मदद से पुलिस आरोपितों तक पहुंच पूरे मामले से पर्दा हटाने की कोशिश कर सकती है।
अब तक के घटनाक्रम को देखें तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पशु तस्करों ने सुरक्षित मार्ग के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह सुरक्षा की नजर से काफी गंभीर मामला है। असल में एक्सप्रेसवे पर वाहनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस और यूपीडा सुरक्षा टीमें भी वाहनों की जांच के मामले में बेबस हैं। इसका फायदा बिहार और बंगाल के पशु तस्कर उठा रहे हैं। यूपीडा सुरक्षा अधिकारी राम चरन का कहना है कि टोल प्वाइंट पर निगरानी चौकी बने तो गोवंशों की तस्करी पर रोक लगाई जा सकती है।
बिहार, बंगाल से सीधे जुड़ाव
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के नौ जिलों से होकर गुजरता है। लखनऊ के सुल्तानपुर रोड के चांदसराय गांव से शुरू होता है और गाज़ीपुर में मोहम्मदाबाद-बक्सर राजमार्ग पर हैदरिया गांव में समाप्त होता है। ऐसे में पुलिस की नौ जिलों पर भी नजर रहेगी। लेकिन इसकी असल कड़ी बिहार से ही जुड़ी बताई जा रही है। ट्रक बिहार का है। मौके से मिला मोबाइल नंबर भी बिहार का है। उसपर आ रही कॉल भी बिहार से ही थी। असल में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सीधे बिहार होते हुए बंगाल को भी जोड़ता है।
पश्चिमी यूपी से भी जुड़ सकता है तार
पशु तस्करी का खेल काफी गहरा है। पश्चिमी यूपी से लेकर बिहार बार्डर पर मजबूत नेटवर्क के चलते पुलिस भी इस नेटवर्क को नहीं तोड़ पा रही। हादसे की कड़ी कहीं न कहीं से पश्चिमी यूपी से भी जुड़ने की आशंका है। फिलहाल पूरा मामला जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार चालक को झपकी आने से ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ा और फिर पलट गया। हादसे के बाद चालक व क्लीनर मौके से भाग निकले। गोतस्करी की आशंका देख क्षेत्राधिकारी बल्दीराय रमेश कुमार, एसडीएम विदुषी सिंह, तहसीलदार घनश्याम भारतीय भी मौके पर पहुंच गए। यूपीडा कर्मचारियों ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से किनारे कराया।
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तिरपाल से पूरी तरह से किया था पैक
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक का पिछला हिस्सा तिरपाल से पूरी तरह से ढका था। इस कारण हादसे के बाद गोवंश बाहर नहीं निकल पाए, जिससे कुछ की दम तो कुछ की चोट लगने से मौत हो गई।
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बिहार का है ट्रक, रेत व मिट्टी भी लादा
ट्रक बिहार के बक्सर जिले का बताया जा रहा है। गोवंशियों की मौजूदगी छिपाने के लिए उसमें रेत व मिट्टी भर दी गई थी। इस कारण वह चेकपोस्ट पर भी पुलिस की नजर से बचता गया।
ट्रक से मिला मोबाइल खेलेगा राज
ट्रक की केबिन में एक मोबाइल और कुछ कागजात मिले, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मोबाइल पर बिहार से लगातार किसी का फोन आ रहा था। ऐसे में पुलिस अब कॉल डिटेल की मदद से गिरोह की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है।
गोरक्षा संगठनों ने उठाई जांच की मांग
राष्ट्रीय गोरक्षा वाहिनी व गो सेवा संघ के सयुंक्त प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने मामले में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व एसडीएम बल्दीराय विदुषी सिंह से वार्ता की। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर केस दर्ज कराने की मांग की। वहीं गोरक्षा के प्रमुख लल्लू तिवारी ने भी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की घटना की जांच की मांग उठाई। उन्होंने इसे तस्करी के बड़े नेटवर्क से भी जोड़ा।
हर पहलू की चल रही जांच
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक से मिले मोबाइल की कॉल डिटेल से चालक व उसके साथ मौजूद क्लीनर का पता लगाया जा रहा है। ट्रक पर बिहार का नंबर दर्ज है। इंजन व चेचिस नंबर की मदद से मालिक का पता लगाने की कोशिश है। घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है।
-रमेश कुमार, क्षेत्राधिकारी बल्दीराय
चालक की झपकी ने पूरे सिस्टम को जगा दिया
ट्रक चालक की झपकी ने बृहस्पतिवार सुबह एक झटके में ही पूरे सिस्टम को झकझोर कर जगा दिया। पुलिस सक्रिय हुई। प्रशासनिक अमला तेजी में दिखा और स्थानीय अभिसूचना इकाई भी जांच में जुट गई। पशु तस्करी की आशंका में हर पहलू की जांच की गई। सभी संदिग्धों की कुंडली खंगाली गई।
पशुतस्करी से जुड़े पुराने पन्ने भी पलटे गए। सूत्रों के अनुसार इस बीच कुछ खास हाथ नहीं लगा, लेकिन घटनाक्रम चौंकाने वाला है। इस कारण अधिकारी इसे सामान्य रूप में नहीं ले रहे। जांच को पुख्ता तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है। इसमें अहम भूमिका निभाएगा ट्रक से मिला मोबाइल, जिसकी मदद से पुलिस आरोपितों तक पहुंच पूरे मामले से पर्दा हटाने की कोशिश कर सकती है।
अब तक के घटनाक्रम को देखें तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पशु तस्करों ने सुरक्षित मार्ग के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह सुरक्षा की नजर से काफी गंभीर मामला है। असल में एक्सप्रेसवे पर वाहनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस और यूपीडा सुरक्षा टीमें भी वाहनों की जांच के मामले में बेबस हैं। इसका फायदा बिहार और बंगाल के पशु तस्कर उठा रहे हैं। यूपीडा सुरक्षा अधिकारी राम चरन का कहना है कि टोल प्वाइंट पर निगरानी चौकी बने तो गोवंशों की तस्करी पर रोक लगाई जा सकती है।
बिहार, बंगाल से सीधे जुड़ाव
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के नौ जिलों से होकर गुजरता है। लखनऊ के सुल्तानपुर रोड के चांदसराय गांव से शुरू होता है और गाज़ीपुर में मोहम्मदाबाद-बक्सर राजमार्ग पर हैदरिया गांव में समाप्त होता है। ऐसे में पुलिस की नौ जिलों पर भी नजर रहेगी। लेकिन इसकी असल कड़ी बिहार से ही जुड़ी बताई जा रही है। ट्रक बिहार का है। मौके से मिला मोबाइल नंबर भी बिहार का है। उसपर आ रही कॉल भी बिहार से ही थी। असल में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सीधे बिहार होते हुए बंगाल को भी जोड़ता है।
पश्चिमी यूपी से भी जुड़ सकता है तार
पशु तस्करी का खेल काफी गहरा है। पश्चिमी यूपी से लेकर बिहार बार्डर पर मजबूत नेटवर्क के चलते पुलिस भी इस नेटवर्क को नहीं तोड़ पा रही। हादसे की कड़ी कहीं न कहीं से पश्चिमी यूपी से भी जुड़ने की आशंका है। फिलहाल पूरा मामला जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।