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Sultanpur News: बंद हुईं परिवहन निगम की बसें, डग्गामार ही सहारा
Mon, 17 Nov 2025 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 17 Nov 2025 11:37 PM IST
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करौंदीकलां। पांच साल के दौरान परिवहन निगम द्वारा संचालित सात में से एक-एक करके पांच बसों का संचालन बंद हो गया है। वर्तमान में मात्र दो बसें ही उपलब्ध होने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। मजबूरी में यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय से ब्लॉक की दूरी 70 किमी. है। इसके बावजूद यहां से कोई भी बस सेवा सीधे जिला मुख्यालय तक के लिए नहीं है। ऐसे में अचानक कोई हादसा हो जाने पर लोगों का मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में लोगों को मजबूरी में दो गुना तक किराया खर्च कर डग्गामार अथवा निजी वाहनों की मदद से लेना पड़ती है। बसों का संचालन न होने से यहां के लोगों को बस पकड़ने के लिए जिला मुख्यालय तक जाने के लिए करौंदीकलां से 12 किमी. दूर प्रतापगढ़ के ढकवा चौराहे तक की दौड़ लगाना पड़ती है।
क्षेत्रीय निवासी संतोष कुमार, अनूप मिश्र, शोभनाथ यादव आदि ने बताया कि निजी टैक्सी भी बिना पूरी तरह भरे नहीं चलती है। बताया कि पहले ब्लॉक क्षेत्र से सुल्तानपुर डिपो की कुल सात बसों का संचालन हो रहा था। वर्तमान में इनमें से सिर्फ दो बसें ही चल रही हैं। बाकी पांच बसों का संचालन पांच वर्षों से बंद हो गया है। मौके पर चल रही दो बस सेवाएं भी गायत्रीनगर-कानपुर और मेवपुर-लखनऊ भी कभी-कभार ही चलती हैं। ऐसे में गंतव्य तक पहुंचने में हो रही परेशानी से छुटकारा दिलवाने के लिए लोगों ने परिवहन निगम के अफसरों से बंद बसों का संचालन पुन: शुरू कराए जाने की मांग की है।
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जनता सेवा के रूप में बसों का होगा संचालन
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में कुछ रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। इसके लिए रूट चार्ट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही जनता सेवा के रूप में बसों का संचालन कराया जाएगा।
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जिला मुख्यालय से ब्लॉक की दूरी 70 किमी. है। इसके बावजूद यहां से कोई भी बस सेवा सीधे जिला मुख्यालय तक के लिए नहीं है। ऐसे में अचानक कोई हादसा हो जाने पर लोगों का मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में लोगों को मजबूरी में दो गुना तक किराया खर्च कर डग्गामार अथवा निजी वाहनों की मदद से लेना पड़ती है। बसों का संचालन न होने से यहां के लोगों को बस पकड़ने के लिए जिला मुख्यालय तक जाने के लिए करौंदीकलां से 12 किमी. दूर प्रतापगढ़ के ढकवा चौराहे तक की दौड़ लगाना पड़ती है।
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क्षेत्रीय निवासी संतोष कुमार, अनूप मिश्र, शोभनाथ यादव आदि ने बताया कि निजी टैक्सी भी बिना पूरी तरह भरे नहीं चलती है। बताया कि पहले ब्लॉक क्षेत्र से सुल्तानपुर डिपो की कुल सात बसों का संचालन हो रहा था। वर्तमान में इनमें से सिर्फ दो बसें ही चल रही हैं। बाकी पांच बसों का संचालन पांच वर्षों से बंद हो गया है। मौके पर चल रही दो बस सेवाएं भी गायत्रीनगर-कानपुर और मेवपुर-लखनऊ भी कभी-कभार ही चलती हैं। ऐसे में गंतव्य तक पहुंचने में हो रही परेशानी से छुटकारा दिलवाने के लिए लोगों ने परिवहन निगम के अफसरों से बंद बसों का संचालन पुन: शुरू कराए जाने की मांग की है।
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जनता सेवा के रूप में बसों का होगा संचालन
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में कुछ रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। इसके लिए रूट चार्ट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही जनता सेवा के रूप में बसों का संचालन कराया जाएगा।