{"_id":"68a77ac8457d6984880f7e11","slug":"the-children-started-cheering-as-soon-as-the-curd-handi-was-broken-sultanpur-news-c-103-1-slp1007-139275-2025-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: दही- हांडी फोड़ते ही बच्चों ने लगाए जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: दही- हांडी फोड़ते ही बच्चों ने लगाए जयकारे
Fri, 22 Aug 2025 01:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 22 Aug 2025 01:30 AM IST
विज्ञापन
पूर्व माध्यमिक विद्यालय साढ़ापुर में राधा-कृष्ण का रूप धरे बच्चे
सुल्तानपुर। प्रतापपुर कमैचा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय साढ़ापुर में बृहस्पतिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विविध आयोजन हुए। बच्चों ने राधा-कृष्ण के वेशभूषा में नृत्य किया। साथ ही फूलों और दही भरे मटकों को पिरामिड बनाकर बच्चों ने फोड़ा।
प्रधानाध्यापक सत्येंद्र सिंह के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दही- हांडी प्रतियोगिता रही। छात्रों ने समूह बनाकर ऊंचाई पर लटकी हांडी तक पहुंचने का प्रयास किया। बच्चों की हिम्मत और टीम भावना ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। दही-हांडी फूटते ही पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा। छात्राओं ने मनमोहक राधा-कृष्ण नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों ने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित गीत-संगीत भी प्रस्तुत किए। तिरंगे के साथ बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी।
प्रधानाध्यापक ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानाध्यापक सत्येंद्र सिंह के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दही- हांडी प्रतियोगिता रही। छात्रों ने समूह बनाकर ऊंचाई पर लटकी हांडी तक पहुंचने का प्रयास किया। बच्चों की हिम्मत और टीम भावना ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। दही-हांडी फूटते ही पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा। छात्राओं ने मनमोहक राधा-कृष्ण नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों ने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित गीत-संगीत भी प्रस्तुत किए। तिरंगे के साथ बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापक ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों का आभार जताया।
विज्ञापन