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Sultanpur News: पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए शुरू हुआ तर्पण
Tue, 09 Sep 2025 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 09 Sep 2025 01:07 AM IST
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सीताकुंड स्थित गोमती नदी में पूर्वजों को तर्पण करते लोग।
सुल्तानपुर। सीताकुंड घाट पर सोमवार को पितृपक्ष के पहले तर्पण करने वाले लोगों की भीड़ रही। आने वाले लोगों ने गोमती नदी में स्नान कर पितृ देवता को जल अर्पित किया।
पं. रमाकांत पांडेय ने कहा कि पितृपक्ष का समापन 21 सितंबर को होगा। पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय है। पितृपक्ष में प्रत्येक दिन तर्पण का विशेष महत्व है। प्रतिदिन काला तिल के साथ जल अर्पित करने से पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। जिससे जीवन में शांति और समृद्धि आती है। 21 सितंबर को अंतिम दिन पितृ विसर्जन कर पितरों को विदाई दी जाएगी। पितृपक्ष अपनी परंपरा और परिवार के प्रति आभार व्यक्त करने का एक माध्यम भी है। संवाद
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पं. रमाकांत पांडेय ने कहा कि पितृपक्ष का समापन 21 सितंबर को होगा। पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय है। पितृपक्ष में प्रत्येक दिन तर्पण का विशेष महत्व है। प्रतिदिन काला तिल के साथ जल अर्पित करने से पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। जिससे जीवन में शांति और समृद्धि आती है। 21 सितंबर को अंतिम दिन पितृ विसर्जन कर पितरों को विदाई दी जाएगी। पितृपक्ष अपनी परंपरा और परिवार के प्रति आभार व्यक्त करने का एक माध्यम भी है। संवाद
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